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विश्व रेडक्रॉस दिवस : राज्यपाल और स्वास्थ्य मंत्री ने किया डॉ. आनन्द सिंह को सम्मानित

लखनऊ। लखनऊ में रविवार को इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी उत्तर प्रदेश राज्य शाखा द्वारा आयोजित विश्व रेडक्रॉस दिवस कार्यक्रम में यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने में शिरकत की और वहां उपस्थित लोगों को संबोधित किया। इस दौरान डॉ. आनन्द सिंह को चिकित्सकीय व सामाजिक कार्यों के प्रति उनकी निष्ठा, प्रयास अभूतपूर्व योगदान के लिए यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सम्मानित भी किया। डॉ. आनन्द सिंह कहा कि जब हम काम करते हैं और उसके बदले हमें सम्मान मिलता है तो इससे बड़ी खुशी और कोई नहीं हो सकती हैं। कोविड काल में हमने जमकर मेहनत की और आज जब हमें उसका फल मिल रहा है तो बहुत खुशी हो रही है कि हमें विश्व रेडक्रॉस दिवस के मौके पर सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम में प्रदेश के हर जिले में तैनात रेड क्रॉस सोसाइटी के डॉक्टर समेत कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम रेड क्रॉस भवन, कैसरबाग, लखनऊ में आयोजित किया। बता दें कि यूपी की राज्यपाल रेड क्रॉस सोसायटी की अध्यक्ष भी हैं।

 

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्व रेडक्रास दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम सभी को एक साथ मिलकर टीवी के मरीजों के लिए काम करना है। हमें सिर्फ एक बुराई को ही नहीं मिटाना है, बल्कि हमारे समाज में तमाम बुराइयां हैं जैसे बाल विवाह दहेज अपराध और मानसिक संतुलन का खराब होना इन सभी चीजों को हमें बदलना होगा। अगर कोई कार्यक्रम हो रहा है तो वहां पर सिर्फ उसी कार्यक्रम की बात या परिचर्चा नहीं होनी चाहिए बल्कि उस कार्यक्रम में समाज में घटित सभी मुद्दों के बारे में बातें होनी चाहिए।

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कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि आज के दौर में लोग अपना मानसिक संतुलन खो बैठ रहे हैं। जरा सी बात पर एग्रेसिव हो जाते हैं और बात मारने काटने तक पर पहुंच जाती हैं। ऐसे में बहुत ज्यादा जरूरी है कि सभी लोग अपने मानसिक संतुलन को कभी भी न खोयें। इसके साथ ही अपने ऊपर पूरी तरह से संयम रखें। आज मातृ दिवस है। ऐसे में हम उन तमाम महिलाओं को मातृ दिवस की शुभकामनाएं देते हैं, जो यहां पर काम कर रही हैं।

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इसके साथ ही प्रदेश की उन महिलाओं को शुभकामनाएं जो कहीं न कहीं काम कर रही हैं। एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है कि आप अपने खानपान पर भी विशेष ख्याल रखें। आज हम यहां पर सिर्फ एक मुद्दे पर बात नहीं करेंगे, इसलिए यह बेहद जरूरी है कि अगर हम समाज को सुधारने निकल रहे हैं, तो पहले हर मुद्दे पर बात करें, लोगों की राय जाने और फिर काम करें।

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वहीं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अगर हमें प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारना है तो इसमें हम सभी का योगदान बहुत ज्यादा जरूरी है। इसके लिए मैं अस्पतालों के डॉक्टरों को यही कहना चाहूंगा कि मानवता के साथ मरीज को देखें। उसे ठीक करने में उसकी सहायता करें। यकीनन कोरोना काल में हमारे प्रदेश के डॉक्टरों स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत की। लेकिन, आज भी स्थिति बहुत ज्यादा ठीक नहीं है इसलिए जरूरी है कि सभी के अंदर मानवता होनी चाहिए। इस समय हम जगह-जगह जाकर निरीक्षण कर रहे हैं। जहां जो कमी हमें मिल रही हैं वहां उसे सुधारने के लिए तुरंत कह रहे हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए छोटे से छोटे सीएचसी पीएचसी हर जगह हम जाकर देख रहे हैं कि वहां पर क्या व्यवस्थाएं हैं।

गौरतलब है कि विश्व रेड क्रॉस दिवस हर साल 8 मई को मनाया जाता है। इस दिन को रेड क्रॉस के जनक जीन हेनरी ड्यूनेंट (Henry Dunant) के बर्थडे वाले दिन ही मनाया जाता है। जीन हेनरी ड्यूनेंट का जन्म 8 मई, 1828 को स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में हुआ था। उन्हें 1901 में दुनिया का पहला नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था। बता दें कि जीन ड्यूनेंट ने ही 1863 में इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC)की स्थापना की थी। बाद में 1920 में इसी की एक संस्था भारत में बनी, जिसका नाम ‘इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी’ रखा गया।

1859 में सोल्फेरिनो (इटली) में भयंकर जंग हुई, जिसमें 40 हजार से ज्यादा सैनिकों की मौत हो गई और लाखों घायल हो गए। घायल सैनिकों की दुर्दशा देखकर हेनरी ड्यूनेंट बेहद दुखी हुए। तब हेनरी ड्यूनेंट ने गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर उन सैनिकों की मदद की। इसके बाद 1863 में उन्होंने एक कमेटी बनाई जिसका नाम इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेडक्रॉस रखा गया। बता दें विश्व रेड क्रॉस दिवस पहली बार 1948 में मनाया गया। हालांकि, इस दिन को ऑफिशियली 1984 से मनाया जा रहा है।

विश्व रेड क्रॉस दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य युद्ध में घायल सैनिकों और नागरिकों की मदद करना है। बात चाहे कोरोना महामारी की हो या फिर हालिया रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध की, रेडक्रॉस ने हमेशा ही मानवता की रक्षा के लिए तत्पर होकर काम किया है। इस संस्था से जुड़े लोगों ने कोरोना महामारी के दौरान लोगों को मुफ्त मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर बांटे हैं।

रेड क्रॉस एक इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन है, जो महामारी, प्राकृतिक आपदा, युद्ध और इमरजेंसी में बिना किसी भेदभाव के लोगों की हेल्प करती है। इस संस्था के गठन का मकसद ही बुरे से बुरे हालात में भी मानवता की सेवा करना है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में भी रेडक्रॉस संस्था घायल लोगों और सैनिकों की मदद कर रही है।हर साल विश्व रेड क्रॉस दिवस अलग-अलग संदेशों के साथ अलग-अलग थीम्स पर मनाया जाता है। साल 2022 में विश्व रेड क्रॉस दिवस की थीम है ‘Be Human Kind’। बता दें कि साल 2021 में इसकी थीम थी- ‘Together We are Unstoppable’।

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