नवजात शिशु को पसंद नहीं है नहाना तो वो देता है कुछ ऐसे संकेत

नवजात शिशु को पसंद नहीं है नहाना तो वो देता है कुछ ऐसे संकेत

नवजात शिशु को पसंद नहीं है नहाना तो वो देता है कुछ ऐसे संकेत

लखनऊ : दिन की शुरुआत और रात को सोने से पहले नहाना बुहत अच्छा माना जाता है। साफ सफाई के अलावा इससे शरीर रिलैक्स रहता है और नींद भी अच्छी आती है। हालांकि, कुछ बच्चों को नहाना पसंद नहीं होता है और इसके कई कारण हो सकते हैं। बच्चे के नहाते समय रोने की भी कई वजह हो सकती हैं।

बच्चों को कितनी बार नहलाना चाहिए

नवजात शिशु को सप्ताह में दो से तीन पर स्पॉन्ज बाथ दे सकते हैं। जहां पर शिशु को नहला रहे हैं, वहां का तापमान गर्म होना चाहिए। बच्चे को तौलिए में लपेट कर रखें और सिर्फ उस हिस्से को बाहर निकालें जिसे साफ करना हो। जब तक कि अम्बिलिकल स्टंप खुद नहीं गिर जाती, तब तक इसे सूखा रहें ताकि कोई संक्रमण न हो। अम्बिलिकल कॉर्ड गिरने के बाद आप अपने शिशु को रोज बाथ टब में नहला सकते हैं। शुरुआत में स्पॉन्ज बाथ ही दें, इससे बच्चे को नहाने की आदत हो जाती है। आप अपनी मर्जी से बच्चे को सुबह या शाम के समय नहला सकती हैं।

बच्चे को नहीं पसंद है नहाना

अगर बच्चे की आंख में साबुन या पानी चला जाए तो आपको इसकी जानकारी देने के लिए वो रोने लगते हैं। पानी बहुत गर्म या ठंडा हो या नहाने का कमरा बहुत ठंडा हो या बच्चे को तौलिये में ठीक तरह से लपेटा न गया हो तो भी बच्चे रोने लगते हैं। खाली पेट या भूख लगने पर भी बच्चों को नहाने में मजा नहीं आता है। नहाने से पहले बच्च्चे का पेट भरा होना चाहिए और उसे डकार आ जानी चाहिए। अगर बच्चा चिड़चिड़ा हो रहा है तो उसे तब न नहलाएं।

यदि नहाते समय बच्चे को सहज महसूस नहीं होता या उसे कोई डर सताता है तो वो रोकर या इधर उधर मचल कर नहाने से दूर भागने लगता है। अगर एक बार नहाने के समय उन्हें कोई बुरा अनुभव हो जाए तो इससे उनके मन में नहाने को लेकर डर बैठ सकता है। कुछ बच्चों को पानी की आवाज भी डराती है।

क्या करें

शिशु नहाने को एंजॉय कर सके इसलिए उसके बाथ टब में उसके पसंदीदा खिलौने रखें। पानी ज्यादा ठंडा या गर्म नहीं होता चाहिए लेकिन अगर पानी ठंडा है तो बच्चे को पानी से निकालते ही मुलायम तौलिए में लपेट दें। यदि प्रीमैच्योर शिशु है यानी उसका जन्म प्रेगनेंसी के 37वें सप्ताह से पहले हो गया है तो शिशु को कुछ दिनों तक न नहलाएं। शिशु की त्वचा पर जो सफेद परत होती है यानी वर्निक्स कैसिओसा को न हटाएं। इसे खुद शिशु की त्वचा में अवशोषित होने दें। बच्चे के बालों को माइल्ड शैंपू से धोएं। साबुन को बच्चे के चेहरे पर न आने दें।

यदि आपके बच्चे को नहाना पसंद नहीं है तो वो कुछ संकेतों की मदद से आपको यह बताने की कोशिश करेगा। शिशु को नहाना अच्छा नहीं लगता या उसे नहाते समय किसी चीज से डर लगता है तो इस स्थिति में नहाना बंद या कम करने की बजाय बच्चे के लिए बाथ टाइम को रोचक बनाएं। बाथ टब में उसकी पसंद के खिलौने रखें और उससे खूब बातें करें। आप शिशु को कंफर्टेबल फील करवाकर इस समस्या को दूर कर सकते हैं।

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