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1962 की लड़ाई के वीर यौद्धा की व्हील चेयर रक्षा मंत्री ने खुद संभाली, सैनिकों का बढ़ाया हौसला

Jammu. पूर्वी लद्दाख में चुशुल में शून्य से 20 डिग्री नीचे के तापमान में 59 वर्ष पहले लड़ी गई रेजांग ला की लड़ाई में 114 नायकों को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज यानि वीरवार को रेजांग ला बेटल डे पर श्रद्धांजलि अर्पित कर देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों का हौसला बढ़ाया। इस दैरान लेह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 1962 की लड़ाई के वीर यौद्धा की व्हील चेयर खुद संभाली। राजनाथ सिंह ने कहा-मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे रेज़ांग ला की लड़ाई में बहादुरी से लड़े ब्रिगेडियर (रिटा.) आरवी जटार से भेंट करने का अवसर मिला।

इस दौरान रक्षा मंत्री ने कहा, 114 वीर जवानों ने जान देकर इस सीमा की रक्षा की है। वो केवल एक बहादुर सैनिक नहीं थे बल्कि एक आध्यात्मिक पुरुष थे क्योकि देश के लिए बलिदान वही दे सकता है जिसका मन बड़ा होगा। मैं उन्हें नमन करता हूं। 114 वीर जवानों ने जान देकर इस सीमा की रक्षा की है। वो केवल एक बहादुर सैनिक नहीं थे बल्कि एक आध्यात्मिक पुरुष थे क्योकि देश के लिए बलिदान वही दे सकता है जिसका मन बड़ा होगा। मैं उन्हें नमन करता हूं।

भारत की हर एक इंच ज़मीन की रक्षा करने में सक्षम

रक्षा मंत्री ने कहा, इस लड़ाई में वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों की स्मृति में आज एक नया युद्ध स्मारक समर्पित किया गया । यह स्मारक सेना द्वारा रेज़ांग ला में प्रदर्शित उस दृढ़ संकल्प और अदम्य साहस की मिसाल है, जो केवल इतिहास के पन्नो में ही अमर नहीं है, बल्कि हमारे दिलों में भी धड़कता है। भारत का चरित्र रहा है कि हमने किसी भी दूसरे देश की ज़मीन पर क़ब्ज़ा करने की नीयत नहीं रखी। मगर यदि किसी भी देश ने भारत की ओर आँख उठा कर भी देखा है तो हमने उसे मुँहतोड़ जवाब दिया है। हमारी सेना के बहादुर जवान भारत की हर एक इंच ज़मीन की रक्षा करने में सक्षम हैं।

 

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