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Rajasthan : मरीज की मौत पर केस से परेशान महिला डॉक्टर ने की ख़ुदकुशी

Jaipur. राजस्थान के दौसा में इलाज के दौरान प्रसूता की मौत का मामला बढ़ता जा रहा है. इस मामले में जिस लेडी डॉक्टर अर्चना शर्मा पर केस दर्ज किया गया था, उसने खुदकुशी कर ली . महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले को लेकर राजस्थान के डॉक्टर हड़ताल पर हैं. राजस्थान के अलावा दिल्ली में भी डॉक्टर डॉक्टर काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं.

बता दें कि दौसा जिले के लालसोट में आनन्द हॉस्पिटल में सोमवार को एक प्रसूता की प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों व ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और हंगामे के बाद अस्पताल के डॉक्टर सुनीत उपाध्याय और उनकी पत्नी डॉ. अर्चना शर्मा के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद सोमवार की रात करीब ढ़ाई बजे ग्रामीणों का हंगामा शांत हुआ था। इसके बाद मंगलवार सुबह डॉ. अर्चना शर्मा ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। जैसे ही पुलिस को डॉक्टर के सुसाइड की सूचना मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची।

लालसोट में तैनात लेडी डॉक्टर अर्चना शर्मा सुसाइड केस में सुसाइड नोट सामने आया है। इस मार्मिक चिट्ठी में जो कुछ लिखा है, शायद उससे समझना आसान है कि महिला डॉक्टर के लिए खुद की जान लेने का फैसला कितना मुश्किल रहा होगा। चिट्ठी में एक मां की चिंता और बेकसूर होने का दर्द सब कुछ है। सुसाइड नोट में घटना से पहले डॉक्टर अर्चना शर्मा ने लिखा कि “मैंने कोई गलती नहीं की है, किसी को नहीं मारा, पीपीएच एक कॉम्प्लिकेशन है, इसके लिए डॉक्टरो को प्रताड़ित करना बंद करो। सुसाइड नोट के अंत में उन्होंने लिखा ‘प्लीज मेरे बच्चे को मां की कमी महसूस नहीं होने देना’।

सुसाइड नोट के अंत में उन्होंने लिखा ‘प्लीज मेरे बच्चे को मां की कमी महसूस नहीं होने देना’। वहीँ. इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि दौसा में डॉ. अर्चना शर्मा की आत्महत्या की घटना बेहद दुखद है, हम सभी डॉक्टरों को भगवान का का दर्जा देते हैं, हर डॉक्टर मरीज की जान बचाने के लिए अपना पूरा प्रयास करता है परन्तु कोई भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना होते ही डॉक्टर पर आरोप लगाना न्यायोचित नहीं है. सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि अगर इस तरह डॉक्टरों को डराया जाएगा तो वे निश्चिन्त होकर अपना काम कैसे कर पाएंगे, हम सभी को सोचना चाहिए है कि कोविड महामारी या अन्य दूसरी बीमारियों के समय अपनी जान का खतरा मोल लेकर सभी के सेवा करने वाले डॉक्टरों से ऐसा बर्ताव कैसे किया जा सकता है, इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है एवं दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

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