Rafale In India : दुश्मन देश की नींद उड़ाने आ रहा बलिया का लाल

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बलिया। दुश्मन देश की नींद उड़ाने फ्रांस से आ रहे पांच लड़ाकू राफेल विमानों के दल में यूपी के बलिया जिले के भी एक जांबाज विंग कमांडर मनीष सिंह शामिल हैं। मनीष के राफेल उड़ाकर भारत लाए जाने से बकवा गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। पूरे गांव में मिठाई बांटी जा रही, दिवाली जैसा जश्न मना जा रहा है।

पिता को बधाई देने पहुंचने लगे लोग 

जनपद के लोगों का सिर गर्व से तब और ऊंचा हो गया जब उन्होंने फ्रांस से राफेल ला रहे पायलट्स की ग्रुप पिक्चर में मनीष सिंह को देखा। बकवा गांव के रहने वाले मदन सिंह के बेटे मनीष की तस्वीर मंगलवार को अखबारों से लेकर टेलिविजन तक नजर आई। यह देख स्थानीय लोगों की खुशी का ठिकाना न रहा। लोगों ने खुशी सोशल मीडिया पर जाहिर की। गांव में लोग सोशल डिस्टेंसिंग  का पालन करते हुए मिठाइयां बांटते हुए मनीष के पिता को बधाई देने भी पहुंचने लगे हैं।

आजादी की लड़ाई में निर्णायक भूमिका निभाई

प्रदेश के अंतिम छोर पर बसी बागी धरती बलिया के रणबांकुरों ने आजादी की लड़ाई में निर्णायक भूमिका निभाई थी। इसी धरती के लाल विंग कमांडर मनीष सिंह ने चर्चित लड़ाकू विमान राफेल को लेकर फ्रांस से उड़ान भरी। जनपद के बांसडीह तहसील के छोटे से गांव बकवां के लाल मनीष सिंह का परिवार फौजी रहा है। इनके पिता मदन सिंह स्वयं थल सेना से अवकाश प्राप्त जवान हैं। विंग कमांडर मनीष सिंह देश के उन नामचीन पायलटों में शुमार हो गए हैं, जिन्होंने फ्रांस से लड़ाकू विमान राफेल को लेकर भारत के लिए उड़ान भरी हैं।

पिता सेना में सेवारत रहे

फौजी मदन सिंह के पुत्र मनीष सिंह अपने भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। गांव की गलियों से निकल कर ङ्क्षवग कमांडर तक पहुंचे मनीष की आरम्भिक शिक्षा गांव के एक निजी स्कूल नूतन शिक्षा निकतन में हुई। छठवीं कक्षा तक गांव में पढ़ाई करने के बाद उनकी उच्च शिक्षा करनाल के कुंजपुरा स्थित सैनिक स्कूल से हुई, जहां इनके पिता सेना में सेवारत रहे।

मनीष वर्ष-2002 में इंडियन एयरफोर्स में पायलट हुए

मनीष वर्ष-2002 में इंडियन एयरफोर्स में पायलट हुए। अंबाला व जामनगर के बाद दो वर्ष पूर्व सन् 2017–2018 में इनकी तैनाती गोरखपुर में थी। उस समय मनीष अपने गांव बकवां आए थे। फ्रांस से लड़ाकू विमान राफेल की डील के बाद मनीष को प्रशिक्षण के लिए सरकार ने फ्रांस भेजा। इनके साथ अन्य विंग कमांडर भी रहे। छोटे भाई अनीस ने बतया कि भइया (मनीष) को छह माह के प्रशिक्षण के लिए फ्रांस भेजा गया था किंतु कोरोना संक्रमण के बाद लॉकडाउन होने से तीन महीने और वहां रूकना पड़ा।

कंप्यूटर इंजीनियर वृत्तिका सिंह से हुआ था विंग कमांडर मनीष का विवाह 

विंग कमांडर मनीष का विवाह वर्ष 2014 में लखनऊ की कंप्यूटर इंजीनियर वृत्तिका सिंह से हुआ था। इन्हें एक पुत्र काविन सिंह (7वर्ष) भी हैं। फ्रांस से रवानगी से पूर्व मनीष ने अपने पिता मदन सिंह को बताया कि वह शीघ्र ही राफेल लेकर भारत के लिए उड़ान भरने वाले हैं। पिता फौजी मदन सिंह व मां उर्मिला देवी ने कहा कि निश्चित रूप से बेटे की उपलब्धि न सिर्फ मेरे लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। पिता ने कहा कि देश की सेवा में मेरे बाद मेरा बेटा डटा हुआ है। यह सोचकर सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। वहीं छोटी बहनें प्रियंका व अंकिता भी बड़े भाई की उपलब्धि पर काफी खुश नजर आईं।


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