फर्जी दुष्कर्म का केस दर्ज कराने पहुंचीं मां-बेटी को जेल

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बलात्कार के मामले में एक युवक को फंसाने के लिए मां-बेटी का कारनामा सामने आया। दोनों ने साक्ष्य के तौर पर फर्जी टीसी विवेचक को सौंप दी। खुदको नाबालिग बताया। जांच में टीसी फर्जी निकली। कुंदरकी पुलिस ने मां-बेटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

भोली पत्नी मासूम अली निवासी ग्राम हाथीपुर चित्तू ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। बताया था कि 27 मार्च को शकीला पत्नी रईस निवासी ग्राम हाथीपुर चित्तू थाना कुंदरकी ने पैसे के लेन-देन में हुए झगड़े में अपनी बेटी को हथियार बनाते हुए मेरे बेटे नदीम के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में नदीम को सजा दिलाने के लिए शकीला ने अपनी बेटी निशा को नाबालिग दिखाने के लिए एक स्कूल से फर्जी टीसी बनवाकर विवेचक को दे दी। टीसी पूरी तरह से फर्जी है।

एसएसपी ने मामले की जांच करवाई तो टीसी वास्तव में फर्जी निकली। जहां से टीसी जारी होने का उल्लेख किया गया था उस स्कूल ने भी फर्जी होने की पुष्टि कर दी। इसके बाद ही कुंदरकी पुलिस ने गुरुवार को शकीला व उसकी बेटी निशा पुत्री रईस  व शकीला पत्नी रईस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एसपी देहात उदयशंकर सिंह ने बताया कि झूठे मुकदमे दर्ज कर लोगों को फंसाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।