Thursday , June 23 2022

मोदी कैबिनेट का फैसला- पूर्वोत्तर के राज्‍यों में गैस ग्रिड को मंजूरी

मोदी सरकार की कैबिनेट ने बुधवार को नीलांचल स्टील प्लांट का विनिवेश, माइन्स और कोल समेत कई अहम फैसले लिए। केंद्रीय मंत्रिमंडल में पूर्वोत्तर भारत मोदी सरकार का फोकस रहा है। पूर्वोत्तर के 8 राज्यों में गैस ग्रिड तैयार करने का फैसला हुआ है। रेलवे के लिए इंग्लैंड के साथ एनर्जी को लेकर समझौते को भी कैबिनेट ने बुधवार को मंजूरी दे दी है।

इसके अलावा कैबिनेट ने गुजरात के जामनगर में आयुर्वेद संस्थान को इंस्टीट्यूट ऑफ इम्पोर्टन्स देने का फैसला भी किया है। नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड (NINL) में विनिवेश का जो फैसला हुआ है, उसके तहत MMTC, NMDC BHEL आदि के शेयर के कुछ हिस्से का विनिवेश किया जाएगा। इससे नीलांचल स्टील प्लांट का विस्तार होगा।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

कैबिनेट ने फ्रांस के साथ मोबिलिटी के फैसले को मंजूरी दी है। इससे छात्रों, स्किल्ड लोगों के आने-जाने की सुविधा बढ़ेगी। हेल्थ के क्षेत्र में मिलिंडा और बिल गेट्स के साथ समझौते को भी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा कैबिनेट ने कोल माइनिंग में कमर्शियल माइनिंग का रास्ता साफ कर दिया गया है। इसके लिए MMDR एक्ट में बदलाव करने का फैसला किया गया है। इसके लिए कैबिनेट ने अध्यादेश को मंजूरी दे दी है।

नीलांचल इस्पात की पूरी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार

वहीं, नीलांचल इस्पात में MMTC की हिस्सेदारी 49.08 फीसदी, NMDC की हिस्सेदारी 10.10 फीसदी, मेकॉन और BHEL की हिस्सेदारी 0.68 फीसदी है। इसमें ओडिशा सरकार के दो पीएसयू की भी कुल 32.47 फीसदी हिस्सेदारी है। कैबिनेट ने नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड को बेचने की मंजूरी दे दी है। नीलांचल इस्पात में सरकार अपनी पूरी 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी।