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Ganga Dussehra : गंगा दशहरा को गुरु होंगे वक्री, 4 माह बाद होंगे मार्गी,

गंगा दशहरा ज्‍येष्‍ठ शुक्‍ल पक्ष की दशमी त‍िथ‍ि को मनाया जाता है। इस दिन महाराज भगीरथ की तपस्‍या से मां गंगा पृथ्‍वी पर अवतरित हुई थीं। इसल‍िए सनातन धर्म में इस त‍िथ‍ि और पर्व का व‍िशेष महत्‍व है। जिसे हम गंगा दशहरा के नाम से जानते है। बता दें कि ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, गंगा दशहरा यानी 20 जून को गुरु 120 दिन के लिए वक्री होंगें। इस दौरान कुछ राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पडेगा। आइये जानें इन राशियों में आप भी शामिल तो नहीं हैं।

ज्योतिष के मुताबिक़ , गंगा दशहरा के दिन यानी 20 जून को गुरु भी वक्री हो रहें हैं और 120 दिन बाद यानी 18 अक्टूबर 2021 को मार्गी होंगे। धन, विवाह, ज्ञान और सत्कर्म के कारक ग्रह देव गुरु बृहस्पति को सर्वाधिक शुभ एवं शीघ्र फलदाई ग्रह माना गया है। देव गुरु बृहस्पति, धनु व मीन राशि के स्वामी ग्रह है। इनके वक्री होने पर कर्क राशि और मकर राशि पर खास प्रभाव पड़ता है।

आपको बता दें कि गुरु के वक्री होने से जहां कर्क राशि के जातकों को लाभ होगा वहीं मकर राशि के लोगों को कई प्रकार के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। ऐसे में इस राशि के लोगों को खास ध्यान देने की आवश्यकता है। इन्हें अपने सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा।

चूंकि गुरु ग्रह कुंभ राशि में वक्री हो रहें हैं। ऐसे में कुंभ राशि के जातकों को अपने सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्हें इस दौरान किसी पर भी विश्वास नहीं करना चाहिए। गुरु ग्रह के कुंभ राशि में वक्री होने से मेष, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के लोगों को विशेष लाभ होगा। धन के मामलों को छोड़कर कुछ चीजों में इन राशि के जातकों को भी परेशानी होगी। जबकि कन्या राशि के लोगों को सेहत और वैवाहिक जीवन में कुछ विपरीत प्रभाव देखने को मिलेंगे। वहीं, तुला वालों को चाहिए कि वे बिना सोचे समझे कुछ भी न बोलें। बात बिगड़ सकती है।

 

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