ताइवान से दोस्ती की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, अब चेक रिपब्लिक पर भड़का चीन

पेइचिंग : दुनिया के सभी महाशक्तियों की नज़रों में चढ़ चूका चीन अब छोटे-छोटे देशों को आंख दिखा रहा है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने यूरोपीय देश चेक गणराज्य को धमकाते हुए कहा कि उसे ताइवान के साथ मेल-जोल बढाने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने चेक गणराज्य के अधिकारी की ताइवान यात्रा को भड़काने वाला और अदूरदर्शी कदम करार दिया। वांग यी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई भी एक चीन  नीति को चुनौती देगा, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

ताइपे यात्रा के बाद गहरे दबाव में चीन सरकार

अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अजार की हाल की ताइपे यात्रा के बाद चीन सरकार गहरे दबाव में हैं। बता दें कि 41 साल बाद ताइवान की यात्रा करने वाले एलेक्स अजार अमेरिका के पहले शीर्ष नेता हैं। चीन ताइवान को अपना हिस्सा बताता है। अजार ने इसी माह के दूसरे सप्ताह में ताइवान की यात्रा की थी और वहां की राष्ट्रपति साई इंग-वेन से भेंटवार्ता की थी।

चीन की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए एलेक्स अजार के बाद चेक गणराज्य के सीनेट के अध्यक्ष मिलोस वीसट्रिसिल रविवार को ताइवान पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने ताइवान के शीर्ष अधिकारियों के साथ भेंटवार्ता की। चीन के सरकारी मुखपत्र ने कहा कि चेक राष्ट्रपति मिलो जेमान के विरोध के बावजूद वीसिट्रिसिल अपनी यात्रा पर गये। यूरोपीय संघ के देशों की अपनी यात्रा के तहत सोमवार को जर्मनी पहुंचे वांग ने कहा कि चीन अपनी एक चीन नीति का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेगा।

चीन की संप्रभुता पर बाधा खड़ी करती हैं विरोधी शक्तियां

खबर के अनुसार वांग ने चेक के सीनेट के अध्यक्ष की ताइवान यात्रा का हवाला देते हुए कहा कि एक-चीन नीति को चुनौती देने वाले किसी को भी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि ताइवान चीन क्षेत्र का अविभाज्य हिस्सा है तथा ताइवान मुद्दे पर एक चीन नीति को चुनौती देना यानी 1.4 अरब चीनियों को दुश्मन बनाना एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वास एवं आचरण का उल्लंघन करना है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने वांग के बयान पर सोमवार को कहा कि चेक गणराज्य में चीन विरोधी शक्तियां जानबूझकर चीन की संप्रभुता पर बाधा खड़ी करती हैं और चीन के अंदरूनी मामलों में दखल देती हैं।

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