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चीन पर एक और स्ट्राइक, Semi-High Speed वंदे भारत ट्रेन का ठेका रद्द

नई दिल्ली : लद्दाख की गलवान घाटी में सीमा विवाद के बाद भारत की ओर से चीनी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में भारतीय रेलवे ने करीब 1500 करोड़ की लागत से 44 सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत ट्रेन बनाने का ठेका रद्द कर दिया है।

शुक्रवार को ट्वीट के जरिए किया टेंडर रद्द

इन ट्रेनों को बनाने के लिए भारतीय कंपनियों के साथ एक चीनी कंपनी के संयुक्त उपक्रम की ओर से बोली लगाने के कारण रेलवे ने यह फैसला लिया है। रेलवे ने ट्वीट के जरिए शुक्रवार देर रात टेंडर रद्द करने की जानकारी दी है। रेलवे के मुताबिक इन ट्रेनों के निर्माण के लिए एक सप्ताह में नया टेंडर जारी किया जाएगा। इस नए टेंडर में मेक इन इंडिया को प्राथमिकता दी जाएगी।

हालांकि रेलवे ने मौजूदा टेंडर को रद्द करने की आधिकारिक वजह नहीं बताई है, लेकिन अंत:पुर के नारद मुनि इस निर्णय को चीन के साथ उपजे सीमा विवाद से जोड़ कर देख रहे हैं। उल्लेखनीय है कि चेन्नई की रेलवे कोच फैक्ट्री ने गत 10 जुलाई को 44 हाई – स्पीड वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया था। टेंडर पिछले माह खोला गया था।

15 फरवरी 2019 को PM ने पहली वंदे भारत ट्रेन को दिखाई थी हरी झंडी

16 डिब्बे वाली 44 वंदे भारत सेमी हाई – स्पीड ट्रेनों के लिए इलेक्ट्रिकल उपकरण और अन्य सामानों की आपूर्ति हेतु 06 कंपनियों ने टेंडर डाला था। इसमें चीनी संयुक्त उद्यम सीआरआरसी – पायोनियर (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड एकमात्र विदेशी कंपनी थी, लेकिन चीन से इसका संबंध होने के कारण टेंडर रद्द कर दिया गया है। ज्ञात हो कि चीन की कंपनी सीआआरसी योंगजी इलेक्ट्रिक कंपनी लिमिटेड और गुडग़ांव की पायोनियर इलेक्ट्रिक इंडिया लिमिटेड ने 2015 में यह संयुक्त उपक्रम बनाया था।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 फरवरी 2019 को नई दिल्ली-वाराणसी रूट पर देश की पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसके बाद दूसरी वंदे-भारत ट्रेन का परिचालन नई दिल्ली-कटरा रूट पर शुरू किया गया। इस ट्रेन को अमित शाह ने 03 अक्टूबर 2019 को हरी झंडी दिखाई थी। वर्तमान में देश के इन्हीं दो रूटों पर सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है।

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