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वैज्ञानिकों ने बैठने के समय में कमी लाने को लेकर किया एक अध्‍ययन

वाशिंगटन:- विज्ञानियों का मानना है कि लगातार बैठे रहने के समय में अगर कमी लाई जाए, तो जीवनशैली की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। ‘साइंस एंड मेडिसिन इन स्पोर्ट’ नामक पत्रिका में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा है कि रोजाना अगर बैठने के समय में एक घंटे की भी कटौती की जाए और हल्का-फुल्का व्यायाम किया जाए, तो जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को रोकने में मदद मिलती है।
निष्क्रिय वयस्क भी शामिल

फिनलैंड स्थित तुर्कू पीईटी सेंटर व यूकेके इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने अध्ययन को इस बात पर केंद्रित किया कि क्या बैठने का समय कम करके और व्यायाम के जरिये शारीरिक लाभ हासिल किया जा सकता है। शोध में हिस्सा लेने वालों में टाइप-2 डायबिटिक व दिल के मरीजों के साथ-साथ शारीरिक रूप से निष्क्रिय वयस्क भी शामिल थे।

इन प्रतिभागियों को किया गया शामिल
यूनिवर्सिटी आफ तुर्कू के शोधकर्ता तारू गर्थवेट के अनुसार, ‘शोध में शामिल सक्रिय व निष्क्रय वर्गों के प्रतिभागियों की शारीरिक गतिविधियों की तीन महीने तक एक्सेलेरोमीटर से नियमित माप की गई। पूर्व के अध्ययनों में गतिविधि को आमतौर पर शुरुआत व अंत में केवल कुछ दिनों के लिए मापा जाता था।’

नियंत्रित होगा मधुमेह, लिवर भी रहेगा दुरुस्‍त

शोधकर्ताओं ने पाया कि जिस समूह ने रोजाना बैठने के समय को 50 मिनट कम करते हुए व्यायाम को दिनचर्या में शामिल किया, उन्हें शुगर व इंसुलिन के स्तर तथा लिवर की सेहत में उल्लेखनीय लाभ मिला
यह आसान उपाय

शोधकर्ता तारू गर्थवेट ने कहा कि यह एक उत्साहजनक विचार है कि बैठने में लगने वाले समय को कम करके और हल्‍की शारीरिक गतिविधि बढ़ाकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है। कई लोगों के लिए यह वास्तविक व्यायाम को बढ़ाने की तुलना में एक आसान उपाय हो सकता है।

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