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मलेशिया खाद्य तेल बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कर रहा कोशिश

रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद सूरजमुखी तेल शिपमेंट बाधित होने और पाम तेल निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के इंडोनेशिया के कदम के बाद मलेशिया खाद्य तेल बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। मलेशिया के कमोडिटी मंत्रालय ने वैश्विक खाद्य तेल की कमी को पूरा करने और दुनिया के दूसरे सबसे बड़े पाम तेल उत्पादक की बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से पाम ऑयल निर्यात कर को आधा करने का प्रस्ताव दिया है।
बागान उद्योग और कमोडिटी मंत्री जुरैदा कमरुद्दीन ने मंगलवार को समाचार एजेंसी रॉयटर्स के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि उनके मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को कटौती का प्रस्ताव दिया है, जिसने विवरण के लिए एक समिति का गठन किया है। ज़ुरैदा ने कहा कि मलेशिया कर में कटौती कर सकता है, यह संभवतः एक अस्थायी उपाय है। वर्तमान 8% कर है, जिसे से 4% से 6% किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जून की शुरुआत में इस परफैसला लिया जा सकता है
ज़ुरैदा ने कहा, “संकट के इस समय के दौरान, शायद हम थोड़ी रियायत दे सकते हैं ताकि ज्यादा पाम ऑयल निर्यात किया जा सके।” ज़ुरैदा ने कहा, “हमें पहले दुनिया को खाना देने के लिए प्राथमिकता देनी होगी।” बता दें कि पाम तेल, केक से लेकर डिटर्जेंट तक हर चीज में इस्तेमाल किया जाता है। यह वैश्विक वनस्पति तेल शिपमेंट का लगभग 60% हिस्सा है और शीर्ष उत्पादक इंडोनेशिया द्वारा इसके निर्यात पर रोक लगाए जाने से बाजार हिल गया है।
ज़ुरैदा ने रॉयटर्स को बताया कि आयात करने वाले देशों ने मलेशिया से अपने निर्यात करों को कम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा, “उन्हें लगता है कि यह (निर्यात कर) बहुत ज्यादा है। ऐसा पूरी आपूर्ति श्रृंखला में खाद्य तेल की कीमत के कारण है।

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