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बिजली संकट: छत्तीसगढ़ के सीएम ने केंद्र पर थोपी जिम्‍मेदारी, बढ़ी सियासी तपिश

नई दिल्‍ली : देश के कई राज्‍यों में कोयले की किल्‍लत के चलते बिजली का उत्‍पादन प्रभावित हो रहा है। आपूर्ति में कमी के चलते कम से कम 16 राज्यों से बिजली कटौती किए जाने की जानकारियां सामने आ रही हैं। राजस्थान, पंजाब, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु जैसे राज्यों में बिजली की आपूर्ति मांग के मुकाबले काफी कम है। हरियाणा में बिजली की मांग अब तक के रिकार्ड ऊंचाई पर है जबकि राजस्‍थान में बिजली की मांग में 31 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जानें मौजूदा संकट का सूरत-ए-हाल
रिकार्ड स्‍तर पर पहुंची बिजली की डिमांड

बिजली मंत्रालय की मानें तो भीषण गर्मी के बीच शुक्रवार को बिजली की मांग भी रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई। मंत्रालय के मुताबिक शुक्रवार को दोपहर 14:50 बजे तक देश में बिजली की मांग 2,07,111 मेगावाट तक पहुंच गई जो अब तक का सबसे उच्च स्तर था।

राजस्थान में बिजली संकट

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक गंभीर बिजली संकट से जूझ रही राजस्थान सरकार ने बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ने के कारण पूरे राज्य में हर दिन बिजली कटौती की घोषणा की है। राज्य के मुख्य सचिव (ऊर्जा) और राजस्थान ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष भास्कर ए सावंत ने कहा कि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले अप्रैल में बिजली की मांग में 31 फीसद की बढ़ोतरी हुई है।
हरियाणा में उच्चतम स्तर पर बिजली की मांग

रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में बिजली की मांग तीन हजार मेगावाट की अतिरिक्त जरूरत के साथ अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। राज्‍य सरकार का दावा है कि बिजली की कमी को दूर करने के लिए जरूरी बंदोबस्‍त किए जा रहे हैं। लगभग 400 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हाल ही में बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्‍होंने कहा कि अल्पकालिक मॉडल के माध्यम से 500-500 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
छत्तीसगढ़ के सीएम ने केंद्र पर थोपी जिम्‍मेदारी

समाचार एजेसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक बिजली संकट से जूझ रहे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भारत सरकार को बिजली संयंत्रों के लिए पर्याप्त मात्रा में कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना भारत सरकार की जिम्मेदारी है कि देश भर के बिजली संयंत्रों को पर्याप्त मात्रा में कोयले की आपूर्ति की जा रही है या नहीं.
छोटे कारोबारी हो रहे परेशान

समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट ने राज्यों में लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। व्यवसायी बिजली कटौती से वित्तीय नुकसान की बात कह रहे हैं। एक व्‍यवसायी ने कहा कि हमारे पास आटा चक्की है। कटौती के बाद बिजली जब वापस आती है और हम मशीन को फिर से चालू करते हैं तो मीटर रीडिंग बढ़ जाती है। लगातार हो रही बिजली कटौती से हमें ज्‍यादा बिल चुकाना पड़ रहा है जिससे नुकसान हुआ है। सरकार को बिजली कटौती के समय की घोषणा करनी चाहिए ताकि छोटे व्यवसायियों को परेशानी ना हो।

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