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बिजली उत्पादकों द्वारा अब विदेशी कोयला खरीदने पर किया जवाब-तलब

लखनऊ,विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश में निजी क्षेत्र के बिजली उत्पादकों द्वारा अब विदेशी कोयला खरीदने पर जवाब-तलब किया है। आयोग ने विद्युत उत्पादन निगम की तरह ही निजी घरानों से भी कई सवाल पूछे हैं।

निजी घरानों को बताना है कि क्या लक्ष्य के मुताबिक बिजली उत्पादन में कोयले की कमी आड़े आ रही है? क्या उच्च जीसीवी (ग्रास कैलोरिफिक वैल्यू) का विदेशी कोयला उनके प्लांट के बायलर में इस्तेमाल किया जा सकता है? विदेशी कोयला मंगाने के लिए क्या सक्षम स्तर से अनुमति ली गई है? सभी निजी घरानों को जल्द से जल्द जवाब देना है।
इस बीच बजाज ने अपने ललितपुर पावर प्लांट के लिए 3.20 लाख टन कोयला खरीदने संबंधी गुरुवार को टेंडर निकाला है। रिलायंस पावर द्वारा पूर्व में अपने रोजा प्लांट के लिए खरीदे गए विदेशी कोयले का मामला भी विद्युत नियामक आयोग द्वारा उसके मल्टी ईयर टैरिफ जेनरेशन याचिका पर सुनवाई के दौरान गूंजा।

घरेलू कोयले से लगभग 10 गुना महंगा विदेशी कोयला है। घरेलू का मूल्य जहां 1700 रुपये प्रति टन है वहीं विदेशी का 17 हजार रुपये प्रति टन के आसपास है। केंद्र सरकार ने बिजली की बढ़ती मांग और घरेलू कोयले की पर्याप्त उपलब्धता में कमी को देखते हुए बिजली उत्पादकों को 10 प्रतिशत विदेशी कोयला खरीदने की अनुमति दी है। चूंकि विदेशी कोयला कई गुना महंगा है इसलिए उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने उसे खरीदने पर रोक लगाने की याचिका आयोग में दाखिल की है।

याचिका पर आयोग ने जवाब मांगा तो उत्पादन निगम के अध्यक्ष ने राज्य सरकार से विदेशी कोयला खरीदने की अनुमति यह बताते हुए मांगी है कि मौजूदा दर पर ही कम से कम 70 से 80 पैसे प्रति यूनिट बिजली महंगी हो जाएगी। बजाज द्वारा ललितपुर प्लांट के लिए विदेशी कोयला खरीदने का गुरुवार को टेंडर निकालने पर आयोग ने बिजली उत्पादन करने वाले राज्य के सभी निजी घरानों को भी पत्र लिखकर विदेशी कोयला खरीदने के संबंध में जानकारी मांगी है।
निजी घरानों में बजाज के अलावा रिलायंस और धारीवाल के पावर प्लांट राज्य में हैं। इससे पहले परिषद अध्यक्ष ने आयोग के चेयरमैन से मिलकर निजी घरानों के विदेशी कोयला खरीदने का संज्ञान लेते हुए उचित फैसले का अनुरोध किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है ताकि बिजली महंगी होने का खामियाजा उपभोक्ताओं को न भुगतना पड़े।

दूसरी तरफ रिलायंस पावर के रोजा प्लांट की वर्ष 2019- 20 से वर्ष 2023-24 तक की मल्टी ईयर टैरिफ जेनरेशन याचिका पर गुरुवार को आयोग ने सार्वजनिक सुनवाई की। सुनवाई के दौरान उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने रोजा पावर प्लांट द्वारा पूर्व में खरीदे गए विदेशी कोयले आदि का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई।

 

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