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‘‘झूठों के बादशाह’’ हैं अमित शाह: के टी रामा राव

हैदराबाद|  तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष एवं मंत्री के टी रामाराव ने केंद्रीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अमित शाह पर राज्य की टीआरएस सरकार पर उनके हमले को लेकर रविवार को पलटवार किया और राज्य सरकार के खिलाफ झूठ फैलाने के लिए अमित शाह को ‘‘झूठों का बादशाह’’ कहा।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बेटे एवं ‘केटीआर’ के नाम से मशहूर रामा राव ने आरोप लगाया कि केंद्र में राजग सरकार का संचालन ‘कॉरपोरेट’ के हाथों में चला गया है।

तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष बी. संजय कुमार की दूसरे चरण की पदयात्रा के समापन पर यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने शनिवार को राज्य की टीआरएस सरकार पर कथित भ्रष्टाचार के लिए निशाना साधा था।

शाह ने इसके साथ ही टीआरएस सरकार पर अलग तेलंगाना आंदोलन के प्रमुख मुद्दों जल, कोष और नौकरियां को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया था। शाह ने कहा था कि उनकी पार्टी अगले साल राज्य में होने वाले चुनावों का सामना करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार के खिलाफ शाह के इस आरोप पर कि उन्होंने देश में ऐसी भ्रष्ट सरकार नहीं देखी, रामा राव ने भाजपा शासित कर्नाटक में व्याप्त ‘‘भ्रष्टाचार’’ का उदाहरण देते हुए शाह पर पलटवार किया।

रामा राव ने उल्लेख किया कि कर्नाटक के एक भाजपा विधायक का आरोप है कि उनसे कुछ लोगों ने संपर्क किया था और 2,500 करोड़ रुपये के बदले में राज्य के मुख्यमंत्री के पद की पेशकश की थी। तेलंगाना के मंत्री ने साथ ही कर्नाटक में एक लिंगायत संत की कथित टिप्पणी का भी उल्लेख किया कि मठ स्वीकृत अनुदान लेने के लिए 30 प्रतिशत कमीशन देते हैं।

रामा राव ने कर्नाटक में एक ठेकेदार की कथित आत्महत्या का भी जिक्र किया, जिसने एक सार्वजनिक कार्य में 40 प्रतिशत कटौती की मांग को लेकर भाजपा के तत्कालीन मंत्री पर आरोप लगाया था। रामा राव ने यहां संवाददाताओं से कहा कि अमित शाह को अपना नाम बदलकर ‘‘झूठों का बादशाह’’ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शाह का दावा है कि ‘मिशन भगीरथ’ योजना के लिए 25,000 करोड़ रुपये दिए गए। रामा राव ने कहा कि उनका नाम बदलने की तत्काल आवश्यकता है, वह अमित शाह नहीं बल्कि ‘‘झूठों के बादशाह’’ हैं। रामा राव ने कहा, ‘‘क्या हमें उन्हें ‘झूठों का बादशाह’ नहीं कहना चाहिए? नीति आयोग ने यह कहते हुए परियोजना के लिए अनुदान के रूप में 19,000 करोड़ रुपये की सिफारिश की थी कि यह एक अच्छी परियोजना है। क्या आपकी सरकार ने 19 पैसे भी दिए हैं? खुलेआम झूठ बोलने में कोई शर्म नहीं है?

लोग आपकी बात पर विश्वास करने के लिए तैयार नहीं हैं…ऐसी ‘बेतुकी’ बात बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’’ रामा राव ने कहा कि टीआरएस ने अमित शाह से तेलंगाना के विकास में केंद्र के योगदान पर बोलने की मांग की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि शाह ने तेलंगाना के लिए उपयोगी कुछ भी कहे बिना निजाम और रजाकारों के बारे में बात की। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने पिछले आठ वर्षों में तेलंगाना के लिए क्या किया।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना ने केंद्र को कर के रूप में 3.65 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया, लेकिन बदले में उसे केवल 1.68 लाख करोड़ रुपये मिले। तेलंगाना सरकार द्वारा लिए गए ऋणों पर शाह की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जताते हुए रामा राव ने भाजपा पर भारत को कर्ज के जाल में धकेलने का आरोप लगाया और कहा कि पिछले आठ वर्षों में राजग सरकार द्वारा 100 लाख करोड़ रुपये का ऋण लिया गया। शाह के इस बयान पर कि अगर टीआरएस सरकार विधानसभा भंग करती है तो भाजपा चुनाव का सामना करने के लिए तैयार है,रामा राव ने कहा कि अगर भाजपा संसद भंग करती है तो टीआरएस भी चुनाव के लिए तैयार है।

शाह द्वारा तेलंगाना में अल्पसंख्यक आरक्षण समाप्त करने की बात पर रामा राव ने दावा किया कि केरल और भाजपा शासित कर्नाटक और बिहार में मुसलमानों के लिए आरक्षण पहले से मौजूद है। उन्होंने सवाल किया कि अगर यह उन राज्यों में दिया जा सकता है तो तेलंगाना में क्यों नहीं।

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