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जानिए संकष्टी चतुर्थी का शुभ मुहूर्त पूजा विधि औ मंत्र

नई दिल्ली:-  हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी दिन को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इसे एकदंत संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन विघ्नहर्ता गणेश जी की विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है। दिनभर व्रत करने के साथ चंद्र देव के दर्शन करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। आइए जानते हैं संकष्टी चतुर्थी व्रत की तिथि, चंद्रोदय का समय, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।
माना जाता है कि संकष्टी चतुर्थी व्रत रखने से व्यक्ति केो सभी प्रकार के कष्टों से छुटकारा मिल जाता है। इसके साथ ही भगवान श्री गणेश जी की कृपा से धन, सुख-समृद्धि आती है।

एकदंत संकष्टी चतुर्थी का शुभ मुहूर्त

तिथि- 19 मई 2022

चतुर्थी तिथि प्रारम्भ – 18 मई को सुबह 11 बजकर 36 मिनट से शुरू
एकदन्त संकष्टी चतुर्थी पर इन मंत्रों का जाप
हर मनोकामना पूर्ण करने के लिए इस मंत्र का जाप करें।

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।

निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

हर तरह की बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए इस मंत्र का जाप करें।

गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।

नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक:।।

 

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