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कांग्रेस के नेता हार्दिक पटेल ने पार्टी से दिया इस्‍तीफा

नई दिल्‍ली:-  गुजरात में पाटीदार समुदाय से आने वाले और कांग्रेस का बड़ा चेहरा माने जाने वाले हार्दिक पटेल ने पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया है। उनके इस्‍तीफे से कांग्रेस को एक बड़ा झटका भी लगा है। उनका ये इस्‍तीफा ऐसे समय में हुआ है जब गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा समेत आम आदमी पार्टी ने भी इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। वहीं, हार्दिक के इस कदम के बाद पार्टी को इस कमी को पूरा करने के लिए नया चेहरा तलाशना होगा। आगामी चुनाव को देखते हुए पार्टी के पास समय भी कम बचा है। बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव इसी वर्ष दिसंबर में हो सकते हैं। फरवरी 2023 में वहां की विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है।
हार्दिक ने किया ट्वीट

इस बाबत उन्‍होंने एक ट्वीट किया है जिसमें उन्‍होंने कहा है कि वो आज हिम्‍मत जुटा कर पार्टी के पद और इसकी प्राथमिक सदस्‍यता से इस्‍तीफा दे रहे हैं। उन्‍होंने इसबात की भी उम्‍मीद जताई है कि गुजरात की जनता और उनका साथी इस फैसले का स्‍वागत करेगा। उन्‍होंने ये भी कहा है कि वो आने वाले समय में गुजरात के लिए वास्‍तव में सकारात्मक रूप से कार्य कर पाएंगे। अपने एक पत्र में उन्‍होंने इस्‍तीफे की सबसे बड़ी वजह पार्टी का गलत तरह से काम करना बताया है। उन्‍होंने पार्टी अध्‍यक्ष सोनिया गांधी को लिखे एक पत्र में कहा है कि उनकी कई कोशिशों के बावजूद पार्टी देश हित और समाज हित के विपरीत काम कर रही है।

केंद्र का विरोध करने तक सीमित है कांग्रेस की राजनीति

अपने खत में उन्‍होंने लिखा है कि देश के युवा एक मजबूत नेतृत्‍व चाहता है। लेकिन बीते तीन वर्षों में पार्टी केवल विरोध की ही राजनीति कर रही है, जो कि गलत है। उन्‍होंने कहा है कि देशवासियों को विरोध की राजनीति नहीं बल्कि एक विकल्‍प की दरकार है जो देश को आगे ले जाने की क्षमता रखता हो। उन्‍होंने केंद्र की भाजपा सरकार के समर्थन में भी काफी कुछ इस पत्र में कहा है।
कई मुद्दो पर अटकाए रोड़े

उन्‍होंने लिखा है कि देशी लंबे समय से अयोध्‍या, एनआरसी सीएए और जम्‍मू कश्‍मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने समेत जीएसटी लागू करने जैसे अहम मुद्दों का समाधान चाहता था। लेकिन कांग्रेस ने इनको सुलझाने की बजाए हमेशा इसमें रोड़े अटकाने का ही काम किया है। कांग्रेस पार्टी केवल केंद्र का विरोध करने तक ही सीमित रही है। यही वजह है कि पार्टी को हर राज्‍य से मतदाता खारिज कर रहा है। इसकी एक बड़ी वजह है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्‍व एक बेसिक रोड़मैप तक सामने रख पाने में नाकाम साबित हुआ है
गुजरात को लेकर संजीदा नहीं पार्टी

अपने खत में हार्दिक ने पार्टी पर आरोप लगाया है कि वो कभी भी किसी भी बड़े मुद्दे पर संजीदा नहीं रही है। गुजरात के लोगों और उनकी समस्‍याओं पर ध्‍यान देने की पार्टी ने कभी कोशिश भी नहीं की। हर बार संकट के समय में पार्टी के बड़े नेता विदेश में रहे। गुजरात और यहां की जनता की हमेशा अवहेलना की गई।

 

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