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औरंगजेब की कब्र पर अकबर का फातिहा, मनसे ने दी चेतावनी

औरंगजेब के परदादा थे लेकिन असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई और एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन जब औरंगाबाद पहुंचे तो उन्होंने औरंगजेब की कब्र पर सिर झुका लिया। फूल चढ़ाएं और फातिहा भी पढ़ा। राजनीति में टाइमिंग मायने रखती है। अकबरुद्दीन ने सोच-समझकर औरंगजेब की इबादत का वक्त चुना। काशी के ज्ञानवापी का मामला गरमाया, मस्जिद के सर्वे पर कोर्ट का फैसला आया। जिसके बाद अचानक हैदराबाद के ओवैसी भाई जान का औरंगजेब प्रेम सामने आया। छोटे ओवैसी औरंगजेब की मजार पर फातिहा पढ़ने चल दिए।

इतिहास की किताबें औरंगजेब की क्रूरता और सनक के किस्सों से भरी हुई है। उसी औरंगजेब के बारे में कहा जाता है कि उसने काशी में ज्ञानवापी मस्जिद की तामीर करवाई थी। इधर सर्वे पर कोर्ट का फैसला आया उधर अकबरुद्दीन औरंगजेब की कब्र पर सिर झुका रहे थे। औरंगजेब की कब्र के बाद जब अकबरुद्दीन मजलिस में आए और बताने लगे कि मुसलमान कैसे खतरे में है। उन्होंने कहा कि अपने हक की लड़ाई लड़ो जज्बात में नाव कानून को अपने हाथ में लेने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो भी कुत्ता जैसा भी कुत्ता भौंकता है, भौंकने दो जो भी ब्रेड का हो। कुत्तों का काम भोंकना है शेरों का काम खामोश चला जाना है।

फडणवीस ने कसा तंज

अकबरुद्दीन औरंगजेब की कब्र पर पहुंचे तो महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस काशी में कई कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे थे।अकबरुद्दीन के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिसकी जैसी भावना उसके वैसे कर्म। पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि औरंगजेब की मजार पर अकबरुद्दीन ओवैसी पहुंचे हैं तो फडणवीस ने कहा कि हमने ऐसा सुना है कि जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। उनकी भावना वैसी है हमारी भावनाएं ऐसी है।

 मनसे की चेतावनी

गौरतलब है कि औरंगाबाद में ही राज ठाकरे ने एक बड़ी रैली की थी और मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने को लेकर अल्टीमेटम भी दिया था। ऐसे में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के लेकर छोटे ओवैसी ने इशारों-इशारों में राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन लोगों के बारे में कुछ नहीं कहना है, जिन्हें अपने ही घर से निकाल दिया गया है।

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