ऊर्जा संकट के बीच रेलवे ने सुनाई राहत भरी खबर

गुवाहाटी:-  यूक्रेन-रूस युद्ध का दुष्प्रभाव भारत के उर्जा क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है। कई शहरों में लगातार हो रही बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। इस बीच भारतीय रेल ने उर्जा क्षेत्र में आए संकट से निपटने के लिए सौर उर्जा का सहारा लिया है। साल 2030 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने भी भागीदारी निभाने की शुरुआत कर दी है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे द्वारा पूरे क्षेत्र में सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर पावर प्लांट) स्थापित किया जा रहा है। इस साल मार्च तक 4358.233 किलो वाट (केडब्ल्यूपी) उत्पन्न करने वाले पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में रूफ-टॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों को चालू किया गया है
देश को मिलेगा 3.56 करोड़ रुपये का फायदा

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सब्यसाची डे ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि इस कदम से 44.54 लाख यूनिट बिजली की बचत होगी। इससे देश को सालाना लगभग 3.56 करोड़ रुपये की बचत भी होगी। उन्होंने आगे कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, हम अपने अधिकार क्षेत्र में सौर रूफ टॉप सिस्टम की 1500 केडब्ल्यूपी क्षमता को चालू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सब्यसाची डे ने कहा, ‘इनमें सिलचर स्टेशन में 100 केडब्ल्यूपी, गुवाहाटी स्टेशन में 200 केडब्ल्यूपी और लुमडिंग डिवीजन के तहत कामाख्या स्टेशन शामिल हैं।’

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के बनाया जाएगा पर्यावरण के अनुकूल

रूस-यूक्रेन युद्ध का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस समय जब यूक्रेन-रूस संघर्ष की वजह से देश में बिजली संकट गहरा रहा है, वहीं, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही हमारी कोशिश है कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे क्षेत्र को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाए।

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