उत्तर प्रदेश: पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने जारी की जरूरी सूचना

लखनऊ:- उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में ठगों का कोई गिरोह सक्रिय हो गया है। यह गिरोह बिजली उपभोक्ताओं को दस अंकों के अलग-अलग मोबाइल नंबरों से मैसेज भेज रहा है। इसमें कनेक्शन काटने की चेतावनी देकर काल बैक करने पर उपभोक्ताओं की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे अज्ञात लोगों के खिलाफ बिजली कंपनियों द्वारा मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। साथ ही उपभोक्ताओं के लिए सलाह भी दी गई है कि वह ऐसे एसएमएस पर ध्यान न दें।

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से सूचना जारी की गई कि कुछ तत्वों द्वारा निजी मोबाइल नंबरों से भ्रामक सूचनाएं भेजने की जानकारी मिली है। विभाग द्वारा केवल यूपीपीसीएलटी और यूपीपीसीएलए हैडर से ही बिल भुगतान और बिजली आपूर्ति से संबंधित सूचना उपभोक्ताओं को भेजी जाती है। किसी अन्य हेडर से आने वाले एसएमएस पर ध्यान न दें और न ही कोई लिंक खोलें।

बिजली विभाग ने बताया कि इस संबंध में लखनऊ के हजरतगंज और नोएडा सेक्टर 39 थाने में पहले ही मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने भी सोमवार को पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज और प्रबंध निदेशक पंकज कुमार से मुलाकात कर ठग गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अधिकारियों ने उन्हें बताया कि प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों द्वारा एफआइआर दर्ज कराई जा रही है। पावर कारपोरेशन के चेयरमैन ने साइबर क्राइम के अपर पुलिस महानिदेशक से भी इस मुद्दे पर बात करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।

एक माह में 9484 उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के मुकदमे : उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पावर कारपोरेशन के पुलिस महानिदेशक (सतर्कता) एसएन साबत के निर्देश पर एक अप्रैल से 30 अप्रैल, 2022 तक चलाए गए अभियान के तहत प्रदेशभर में 88 प्रवर्तन दलों ने कुल 19,058 परिसरों में जांच की। इसमें कुल 9,484 उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज कराए गए

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