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अब सितम्बर में लगेगा राष्ट्रीय पुस्तक मेला, प्रतिभाओं को मिला सम्मान

Lucknow. बाल संग्रहालय लान चारबाग में चल रहा लखनऊ पुस्तक मेला आज शाम सम्मान समारोह के साथ समाप्त हो गया। अगला पुस्तक मेला राजधानी में सितम्बर में लगेगा। समापन समारोह में उत्तर प्रदेश ओलम्पिक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष टीपी हवेलिया और पूर्व रेलवे सेवा अधिकारी व उपन्यासकार अमिताभ कुमार ने यूपी स्टार्ट अवार्ड प्रदान किये। साथ ही मेले में आए प्रकाशको को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर दोनों ही अतिथियों ने कहा कि युवाओं की सोच अभिनव होती है और उनमें कुछ कर दिखाने का जज्बा भी खूब होता है, ऐसे में उन्हें सही सलाह और प्रोत्साहन जरूर दिया जाना चाहिए। यूपी स्टार्ट-अप अवार्ड भी यही काम कर रहा है। इससे पहले मेला आयोजन मनोज सिंह चंदेल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए पुस्तक मेले की पूर्व से अबतक की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अब अगला राष्ट्रीय पुस्तक मेला हमेशा की तरह सितम्बर में मोती महल लाॅन में लगेगा। शीघ्र ही इसकी तारीखें तय होंगी। निदेशक आकर्ष चंदेल ने बताया कि इस पुस्तक मेले में लगभग 25 लाख की पुस्तकों की बिक्री हुई है।

मेले में प्रकाशन संस्थान के स्टाल प्रतिनिधि ने बताया कि उनका अनुभव अच्छा रहा। स्टाल पर हिम्मतभाई मेहता की चक्रवर्ती संन्यासी सरदार पटेल, प्रमोद भार्गव के उपन्यास दशावतार, कामतानाथ के उपन्यास तुम्हारे नाम उनकी कहनियों की किताब के संग मानवजाति का इतिहास, द्वितीय विश्वयुद्ध, पाखी, बृहत्तर ब्राह्मण समाज, स्वर्ग तले इंसान आदि किताबों की मांग रही।

मंच पर आज सुबह स्क्रिप्टर पब्लिकेशन के द्वारा डा.अमरेश मोहन की एसेंशियल आफ फार्मोकोलॉजी, जितेंद्र कुमार की फार्मेसी द राइट जॉब और डॉक्टर आनंद त्रिपाठी की शंभू अपर्णा किताबों का विमोचन मुख्यअतिथि नम्रता पाठक की उपस्थित में हुआ। कार्यक्रम में बिलाल, डा.नितिन श्रीवास्तव, डा.बबीता, डा.अनूप, आदर्श ,अजीत, अनुराग, ,अमन, सुजीता, आकाश रावत, आकाश वर्मा, अभिषेक, प्रियंका, दिव्यांशु आदि ने अपने विचार रखें।

मिशन सशक्तिकरण समिति के द्वारा विद्या विंदु सिंह की अध्यक्षता में त्र आज के परिपेक्ष्य में पौराणिक स्त्री पात्रों सीता, उर्मिमा, तारा, अनुसुइया केकेई, मंदोदरी, सुलोचना तथा महाभारत से सत्यवती, गांधारी, कुंती, दौपदी आदि पर व्याख्यान आयाेिजत किया गया। यहां डा.अमिता दुबे, महेंद्र भीष्म, मनोज शुक्ला, रेनू मिश्रा, डा.ज्योत्सना सिंह आदि ने विचार रखे। जया सेन तोशानी छूती दुबे व आन्या ने नृत्य प्रस्तुति दी और डा.सुधा मिश्रा, प्राप्ति तिवारी, नीरजा नीरू, साधना मिश्रा लखनवी विषयगत काव्यपाठ किया।

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