फ्रांस में हिंसा भड़की इमरजेंसी जैसे हालात

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पेरिस : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि और घर के खिलाफ फ्रांस में 3 हफ्ते से जारी विरोध प्रदर्शन में उग्र हिंसक लोग रूप ले लिया है प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों और इमारतों को आग के हवाले कर दिया कई जगह प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों के हथियार छीन लिए हैं ।उस फ्रांस में दशक की सबसे बड़ी अशांति माना जा रहा है। देश में आपातकाल की तैयारी की जा रही है।

पेरिस में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई ताजी झड़प में 133 लोग घायल हुए हैं, इनमें 23 सुरक्षा बलों के जवान हैं। विश्लेषक गृह युद्ध जैसे हालात बता रहे हैं। फ्रांस में इस तरह की हिंसा कई दशक बाद हुई है। बिगड़ते हालात के बीच रविवार को ब्यूनस आयरस से पेरिस लौटे मैक्रों ने प्रधानमंत्री समेत कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार सभी पदाधिकारियों को तलब किया।

मैक्रों जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अर्जेंटीना गए थे। शनिवार को पेरिस में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने 412 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन प्रदर्शनों में यलो वेस्ट पहने नकाबधारी लोगों ने कई महत्वपूर्ण इमारतों में आग लगा दी।

ब्यूनस आयरस से रवाना होने से पहले मैक्रों ने मीडिया से बातचीत में कहा, वह हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। कानून व्यवस्था में लगे लोगों या कारोबारियों पर हमलों को नहीं सहन किया जाएगा। हिंसा फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। राष्ट्रपति ने बढ़ाए गए टैक्स वापस लेने से इन्कार कर दिया है। देश की अर्थव्यवस्था के लिए उन्हें जरूरी बताया है।


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