यूपी: इंटरनेट बंद होने से कारोबार प्रभावित, कानपुर को 1200 करोड़ की चोट

नागरिकता  संशोधन बिल के पारित होते ही पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी हो गया। 19 दिसंबर को ऐसा ही एक प्रोटेस्ट उत्तर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिला जिसने कुछ ही देर में हिंसा का रूप ले लिया। जिसे देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्य नाथ ने इंटरनेट पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिया।

एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के चलते इंटरनेट पर लगी रोक से बैंकिंग सेवाओं पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है। इससे कई शहरों और कस्बों में नगदी की कमी के चलते बैंकों को अपनी शाखाएं भी बंद रखनी पड़ी।

नेटबैंकिंग, केवाईसी भी हुई प्रभावित

इंटरनेट के ठप होने से डिजिटल बैंकिंग ट्रांजेक्शन, ओटीपी सेवाएं, ई-केवाईसी, यूपीआई, आधार के जरिए पेमेंट सिस्टम जैसी बैंकिंग सेवाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। हालांकि अभी यह नहीं पता चला है कि नेट बंद होने से कुल कितने करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ा।

व्यापारियों को हुईं दिक्कतें

नेट के बंद होने से व्यापारियों को भी काफी  दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इससे उन लोगों पर खासा असर पड़ा, जिनका कारोबार पूरी तरह से इंटरनेट के द्वारा चलता है। जिन जिलों में प्रशासन ने इंटरनेट को बंद करने का आदेश दिया है, उनमें कई ऐसे शहर हैं जो कि कारोबारी लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं। सर्वाधिक असर लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मेरठ, बहराइच, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, गाजियाबाद और गोरखपुर में देखने को मिला।

ताज नगरी में पड़ा असर

क्रिसमस और नये साल का जश्न मनाने आगरा आ रहे पर्यटकों के कदम थम गए  हैं। पहले से बुक कराए गए टूर पैकेज कैंसिल करवाए जा रहे हैं। इससे पर्यटन कारोबार पर सीधा असर पड़ा है। माहौल की वजह से 30 फीसदी सैलानी कम आए। साथ ही क्रिसमस और न्यू ईयर ईव सेलिब्रेशन के लिए बुक हुए होटलों की 60 फीसदी बुकिंग कैंसिल गई हैं।