1 जनवरी से लोहिया हॉस्पिटल में बंद होगा ये ब्लॉक

एक जनवरी से लोहिया हॉस्पिटल ब्लॉक में बाल रोग विभाग बंद हो  जाएगा और ओपीडी-इमरजेंसी सेवा मातृ-शिशु रेफरल अस्पताल में शिफ्ट होगी। संस्थान प्रशासन ने दो जगह सुविधाओं के संचालन के बजाय एक ही जगह शुरू करने का फैसला किया है। लोहिया अस्पताल का अगस्त में लोहिया संस्थान में विलय हो गया है।

ऐसे में बाल रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग की सेवाएं अस्पताल व संस्थान के शहीद पथ स्थित मातृ-शिशु रेफरल अस्पताल में संचालित हो रही हैं। अब जनवरी से बारी-बारी दोनों विभागों की शिफ्टिंग करने का फैसला किया गया है। प्रथम चरण में एक जनवरी को लोहिया अस्पताल में बाल रोग विभाग बंद करने का फैसला किया गया है। डीएमएस डॉ. श्रीकेश के मुताबिक एक जनवरी को बाल रोग की ओपीडी सिर्फ मातृ-शिशु रेफरल अस्पताल में चलेगी। वहीं इमरजेंसी सेवा भी 12 जनवरी से शिफ्ट कर दी जाएगी।

वैक्सीनेशन सेंटर भी बदलेगा :

लोहिया अस्पताल का वैक्सीनेशन सेंटर भी बंद होगा। यह भी मातृ-शिशु रेफरल अस्पताल में शिफ्ट हो जाएगा। ऐसे में अब टीकाकरण के लिए बच्चों को शहीद पथ स्थित कैंपस ले जाना होगा।पैथोलॉजी का ट्रायल रन पूरा: डीएमएस डॉ. श्रीकेश के मुताबिक मातृ-शिशु रेफरल अस्पताल में पैथोलॉजी लैब बन गई है। लैब का इंचार्ज डॉ. मनीष को बनाया गया है।

ट्रायल रन भी पूरा हो गया है। यहां बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी व माइक्रोबायोलॉजी की 24 घंटे 28 जांचें होंगी। इसमें सीबीसी, वायरल मार्कर, एचसीवी, एलएफटी, केएफटी, इलेक्ट्रोलाइट, ब्लड शुगर, सीआरपी, यूरिन कल्चर आदि हैं। दो-तीन दिन में सुविधा शुरू हो जाएगी।अल्ट्रासाउंड सेवा छह दिन : अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा अभी दो दिन है। जल्द ही छह दिन जांच की जाएगी। ऐसे में गर्भवती महिला को जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। शीघ्र बड़ी मशीन लगेगी।

अस्पताल में हैं छह विभाग

मातृ-शिशु रेफरल अस्पताल में छह विभाग संचालित हैं। इनमें गाइनी एंड ऑब्स, पीडियाटिक्स, पीडियाटिक सर्जरी, इंडोक्राइन सर्जरी, इंडोक्राइन मेडिसिन व ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग हैं। इसके अलावा एनआइसीयू, पीआइसीयू संचालित हैं। अस्पताल में 200 बेड हैं।