6 दिसंबर को लिखी गई थी बाबरी विध्वंस की दास्तां

6 दिसंबर 1992 को रामराज्य यानी अयोध्या में जो हुआ, उसकी नींव 1990 में लाल कृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा में ही पड़ गई थी, तब नारा दिया गया था “कसम राम की खाते हैं, मंदिर वहीं बनाएंगे।”