Rafale in India : कश्मीरियों की खुशी का सबब एयर कोमोडोर हिलाल अहमद

श्रीनगर।  जम्मू- कश्मीर का अनंतनाग जिला, जिसका नाम आप अक्सर सुनते होंगे वो जिला जो सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित है लेकिन इस बार अनंतनाग जिला देश के लिए गौरव का क्षण बन गया है। दरअसल राफेल के पहले बैच ने रविवार को फ्रांस से भारत के लिए उड़ान भरी तो उस समय पैरिस में एयर कोमोडोर हिलाल अहमद राठेर भी मौजूद थे। हिलाल फ्रांस में भारत के एयर अताशे हैं। हिलाल के साथ फ्रांस में भारत के राजदूत जावेद अशरफ और राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन के चेयरमैन एरिक ट्रैपियर भी समारोह का हिस्सा थे।

अनंतनाग जिले के हैं हिलाल अहमद

एयर कोमोडोर हिलाल अहमद जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के ही हैं, जिन्होंने जिले के बख्शियाबाद स्थित सैनिक स्कूल से पढ़ाई की। आतंकवाद प्रभावित दक्षिणी कश्मीर में अनंतनाग के बख्शियाबाद सादिकाबाद के रहने वाले हिलाल की राफेल डील में भी अहम भूमिका रही है। उनके पिता मोहम्मद अब्दुल्ला राथर जम्मू-कश्मीर पुलिस से डीएसपी पद से रिटायर हुए थे।

कश्मीरियों की खुशी का सबब बने- अहमद

उनका देहांत हो चुका है। एयर कोमोडोर हिलाल अहमद राठेर आज कश्मीरियों की खुशी का सबब बने हुए हैं। भारत आ रहे राफेल के कॉकपिट में उनकी तस्वीर ट्विटर पर वायरल हो गई। हिलाल दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के निवासी हैं, जिसे लेकर कश्मीरी आज फक्र कर रहे हैं। ट्विटर पर हैशटैग अनंतनाग टॉप ट्रेंड में है, जहां कश्मीरी खुलकर अपनी भावना का इजहार भी कर रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर का सीना फख्र से चौड़ा

हिलाल अहमद के राफेल लेकर भारत आने की सूचना से अनंतनाग समेत पूरे जम्मू-कश्मीर का सीना फख्र से चौड़ा हो गया है। हिलाल अब सभी के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। 17 दिसंबर, 1988 को कमीशन हासिल करने वाले हिलाल ने अपनी शिक्षा सैनिक स्कूल से पूरी की। 17 दिसंबर, 1993 को वह फ्लाइट लेफ्टिनेंट, 16 दिसंबर, 2004 को विंग कमांडर, एक मई, 2010 को ग्रुप कैप्टन तथा 26 दिसंबर, 2016 को एयर कोमोडोर बने।

एयर कोमोडोर राफेल डील की बातचीत में भी शामिल हुए

एयर कोमोडोर रहते हुए वह राफेल डील की बातचीत में भी शामिल हुए। हिलाल के पास 3000 से अधिक घंटे का बिना किसी दुर्घटना के मिग 21 तथा किरण एयरक्राफ्ट उड़ाने का अनुभव है। वह दो साल से पेरिस में तैनात हैं। हिलाल को विंग कमांडर रहते हुए 2010 में वायुसेना मेडल तथा ग्रुप कैप्टन के पद पर तैनाती के दौरान 2016 में विशिष्ट सेवा मेडल मिल चुका है। इस समय वह देश के सबसे बेहतरीन फाइटर पायलटों में से एक हैं।

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