PM मोदी ने लॉन्च की अटल भूजल योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में अटल भूजल योजना को लॉन्च किया। इस योजना के अंतर्गत सात राज्यों के 8350 गांव लाभान्वित होंगे। इसके अलावा मनाली को लेह से जोड़ने वाली रोहतांग सुरंग का नाम भी अटल सुरंग रखा गया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इससे वाजपेयी जी का सपना पूरा हुआ। पानी का विषय अटल जी के करीब था। पानी का संकट सबके लिए चिंता का विषय है। न्यू इंडिया को हमें जल संकट की हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार करना है। इसके लिए हम पांच स्तर पर एक साथ काम कर रहे हैं।

ग्राउंड वॉटर बढ़ाने का काम करेगी अटल भूजल योजना
उन्होंने कहा कि पानी का ये संकट एक परिवार के रूप में, एक नागरिक के रूप में हमारे लिए चिंताजनक तो है ही, एक देश के रूप में भी ये विकास को प्रभावित करता है। एक तरफ जल जीवन मिशन है, जो हर घर तक पाइप से जल पहुंचाने का काम करेगा और दूसरी तरफ अटल जल योजना है, जो उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देगी जहां ग्राउंड वॉटर बहुत नीचे है।

विश्व बैंक ने दिया है पैसा

विश्व बैंक की मदद से शुरू की जा रही ये योजना अगले पांच सालों में देश 78 ज़िलों, 193 प्रखंडों ( ब्लॉकों ) और 8350 ग्राम पंचायतों में अगले पांच सालों में पूरी की जाएगी। इनमें ज़्यादातर इलाक़े हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात में हैं।  ये वो राज्य हैं जिनके 25 फ़ीसदी से ज्यादा इलाक़ों में भूजल स्तर का दोहन सबसे ज़्यादा हुआ है। पिछले साल अगस्त में विश्व बैंक ने इस योजना के लिए 6000 करोड़ रूपयों की मंज़ूरी दी थी। हालांकि इस योजना की घोषणा 2016-17 के आम बजट में की गई थी।

अटल जी के लिए बहुत महत्वपूर्ण था पानी का विषय
पीएम मोदी ने कहा कि पानी का विषय अटल जी के लिए बहुत महत्वपूर्ण था, उनके हृदय के बहुत करीब था। अटल जल योजना हो या फिर जल जीवन मिशन से जुड़ी गाइडलाइंस, ये 2024 तक देश के हर घर तक जल पहुंचाने के संकल्प को सिद्ध करने में एक बड़ा कदम हैं।

रोहतांग टनल अब अटल टनल के नाम से जानी जाएगी
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण एक बड़ी परियोजना का नाम अटल जी को समर्पित किया गया है। हिमाचल प्रदेश को लद्दाख और जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाली, मनाली को लेह से जोड़ने वाली रोहतांग टनल अब अटल टनल के नाम से जानी जाएगी।

मोदी ने कहा कि चुनाव से पहले जब हमने पानी के लिए समर्पित जब हमने जल शक्ति मंत्रालय की बात की थी तो कुछ लोगों को लगा कि कैसा वादा है। लेकिन बहुत कम लोगों ने इस बात पर गौर किया कि क्यों इसकी जरूरत थी। न्यू इंडिया को हमें जल संकट की हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार करना है। इसके लिए हम पांच स्तर पर एक साथ काम कर रहे हैं।