वाहन चलते समय होती है Documents की Tension, 1 अक्टूबर से लागू होंगे ये नियम

वाहन चलते समय होती है Documents की Tension, 1 अक्टूबर से लागू होंगे ये नियम

वाहन चलते समय होती है Documents की Tension, 1 अक्टूबर से लागू होंगे ये नियम

लखनऊ : वाहन चलाते समय अब अपने साथ ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी), इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट जैसे अन्य ज़रूरी दस्तावेजों को रखने की ज़रूरत बहुत जल्द ख़त्म हो जाएगी. दरअसल इससे जुड़े एक एक्ट बनाकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया है जो एक अक्तूबर से लागू हो जाएगा. केंद्र सरकार ने कहा है कि ड्राइविंग लाइसेंस और ई-चालान समेत वाहन दस्तावेज का रख-रखाव एक अक्तूबर से सूचना प्रौद्योगिकी पोर्टल के जरिए किया जा सकेगा.

बता दें ऐसी सॉफ्टवेयर को विकसित किया जा रहा है जिसके जरिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी या संभागीय परिdवहन अधिकारी को गाड़ी का नंबर अपनी मशीन में डालकर खुद ही सारे कागजातों की जांच करनी होगी. इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने राज्य परिवहन विभागों और ट्रैफिक पुलिस को वाहन चालक से दस्तावेज नहीं मांगने के निर्देश दिए है. सड़क परिवहन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इसके लिए एक नया सॉफ्टवेयर तैयार हो रहा है. यह सॉफ्टवेयर निर्धारित तारीख से परिवहन सॉफ्टवेयर से जोड़ दिया जाएगा. इसमें गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालने पर उस वाहन के सारे कागज की जांच हो सकेगी.

कथित एक्ट के अनुसार, किसी पुलिसकर्मी के पास जांच उपकरण नहीं है, तो वह स्मार्टफोन पर सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर  वाहन के कागज की जांच कर सकेंगे.यदि गाड़ी का चालान हो जाता है और वाहन मालिक चालान का भुगतान नहीं करता है तो परिवहन संबंधी टैक्स जमा करना होगा. टैक्स नहीं भरने की स्थिति में वाहन मालिक न तो गाड़ी बेच सकेंगे, और न ही अपने ड्राइविंग लाइसेंस को रिन्यू करा सकेंगे.
अभी तक के नियमों के अनुसार, चालान होने के बाद चालान जमा किए बिना परिवहन कार्यालय संबंधी कोई भी काम नहीं होता है. इससे बाहरी वाहनों को परेशानी होती है.

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