UP में डेल्टा प्लस के बाद अब कप्पा वैरिएंट की दस्तक, जानें इसके लक्षण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना के डेल्टा प्लस के बाद अब कप्पा वैरिएंट ने भी दस्तक दे दी है। दरअसल, यूपी में कोरोना संक्रमित लोगों के 109 नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग में से दो में कप्पा वैरिएंट मिला है। इन नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के माइक्रोबॉयलॉजी विभाग में की गई थी। हालांकि विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता जैन का कहना है कि कप्पा वैरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है।

क्यों पड़ा कप्पा वैरिएंट नाम

बता दें कि कप्पा वैरिएंट देश में पहले भी पाया जा चुका है। बी.1.617 के कई म्यूटेशन हो चुके हैं। जिनमें से ई484क्यू और ई484के के कारण इसे कप्पा वैरिएंट कहा गया है। इसी तरह बी.1.617.2 को डेल्टा वैरिएंट के नाम से जाना जा रहा है, जो कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार माना गया है।

कप्पा वैरिएंट के लक्षण

विशेषज्ञों के अनुसार कप्पा वैरिएंट दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार डेल्टा वैरिएंट से अधिक संक्रामक है। लेकिन डेल्टा प्लस से कम खतरनाक है। इसके लक्षण भी खांसी, बुखार, गले में खराश जैसे प्राथमिक लक्षण हैं। इसके बाद अन्य लक्षण कोरोना वायरस के पूर्व के वैरिएंट की तरह ही हैं। अभी इस वैरिएंट पर शोध हो रहे हैं। कोरोना वायरस के अन्य स्ट्रेन की तरह ही कप्पा वैरिएंट से बचने के लिए मास्क लगाने, भीड़-भाड़ में जाने से बचने, समय-समय पर हाथ धोने की सलाह दी गई है। यदि कोई खांसी-जुखाम बुखार के लक्षण दिखते हैं तो जांच के नमूना देने के साथ स्वयं को क्वारंटीन कर लेना चाहिए।

 

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