KBC में पांच करोड़ जीतने के बाद शुरू हुआ बर्बादी का सफर

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KBC में पांच करोड़ जीतने के बाद शुरू हुआ बर्बादी का सफर

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लखनऊ : कहते हैं कि अगर पैसा हो तो ज़िन्दगी में सब कुछ हासिल किया जा सकता है. लेकिन यही पैसा आपको किस तरह बर्बादी की कगार पर ला कर खड़ा कर देता है इसका इससे बेहतर उद्धरण और कोई नहीं हो सकता. सोनी टीवी चैनल पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक कौन बनेगा करोड़पति में हर साल कई लोग करोड़ो की धन राशी जीत कर जाते हैं. जिसमें सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाले शख्स यानी सुशील कुमार ने साल 2011 में पांच करोड़ रूपए अपने नाम किए थे.

KBC की जीत के बाद लाइफ काफी मुश्किल हो गई

इतने रुपए जीतने के बाद सुशील का जीवन तो बदल गया लेकिन उन्हें कई बुरे शौख और लत के सहारे बर्बादी की राह पर छोड़ गया. सुशील कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर ब्यौरेवार तरीके से इस बात को लोगों के सामने रखा. उन्होंने बताया कि केबीसी की जीत के बाद लाइफ काफी मुश्किल हो गई. वह लोगों के लिए एक लोकल सेलिब्रेटी बन गए. ऐसे में उन्होंने बिहार में ही कार्यक्रमों में जाना शुरू कर दिया. पढ़ाई-लिखाई बिल्कुल छूट गई. समय बिताने के लिए कई नए बिजनेस में हाथ डाला जिसमें उनका काफी पैसा डूब गया.

पत्नी से भी ख़राब हुए संबध

इसी बीच उन्हें गुप्त दान का ऐसा चस्का लग गया की उन्होंने हर जगह दान देना शुरू कर दिया. वे कुछ लालची और चापलूस लोगों से भी मिले जो उन्हें ठगना चाहते थे. पत्नी के बार बार टोकने पर सुशील ने उनसे भी रिश्ते खराब कर लिए.

पैसे को इन्वेस्ट करने के क्रम में उन्हें ध्यान आया कि क्यों न दिल्ली में गाडियां चलवाई जाए जिसके लिए उन्होंने कई गाडियां खरीद ली और दिल्ली में चलवानी भी शुरू कर दी. इसके लिए आए दिन उन्हें दिल्ली जाना पड़ता था. इस दौरान उनकी मुलाक़ात जामिया मिलिया और आईआईएमसी में मीडिया की पढ़ाई कर रहे कुछ छात्रों से हुई. उनसे मुलाक़ात के बाद उन्हें महसूस हुआ कि वे औरो की अपेक्षा बहुत कम जानते हैं. मुलाक़ात के साथ दोस्ती गहरी हुई तो सुशील को शराब और सिगरेट की लत भी लग गई.

निर्देशक बनने का सपना लेकर मुंबई पहुचे सुशील

खाली समय में वह हॉलीवुड और हिंदी फ़िल्में देखने लगे जिनमें अधिकांश नेशनल अवार्ड विनिंग फ़िल्में शामिल थी. इसके बाद निर्देशक बनने का सपना जागा सपने को साकार करने के उद्देश्य से वे मुंबई पहुँच गए. डायरेक्शन से पहले टीवी में काम करने की सलाह मिली तो उन्होंने ये काम भी छोड़ दिया और वापस बिहार आकर टीचर की पढाई की नौकरी के लिए तैयारी शुरू कर दी. सुशील ने बताया कि अब वह टीचर हैं और साल 2016 से शराब नहीं पी है. सिगरेट की लत भी छूट गई है.


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