JNU का नाम बदलने पर संग्राम शुरू, BJP नेता और ABVP आमने-सामने

JNU के नाम पर संग्राम शुरू, BJP नेता और ABVP आमने-सामने नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते दिनों दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकांनद की प्रतिमा का अनावरण किया गया. जिसके बाद से ही यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की मांग उठ रही है. इस मामले ने अब सियासी मोड़ ले लिया है. यह जंग अधिक रोचक हो गई है, क्योंकि केरल के भाजपा नेता और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सुर अलग-अलग हैं. भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय महासचिव और कर्नाटक के पूर्व मंत्री सीटी रवि (Chikkamagaravalli Thimme Gowda Ravi) ने मांग की है कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय का नाम बदल कर स्वामी विवेकानंद किया जाना चाहिए. अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन सहमत नहीं है.जेएनयू एबीवीपी ईकाई के अध्यक्ष शिवम चौरसिया ने विवाद के बाबत कहा कि हम नाम बदलने के पक्ष में नहीं है. हमें लगता है नाम सही है. यही नाम रहना चाहिए. भाजपा नेता सीटी रवि ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'वो स्वामी विवेकानंद ही थे, जो भारत की विचारधारा के साथ खड़े हुए. उनका दर्शन और उनके मूल्य भारत की शक्ति को दर्शाते हैं. देश हित में यही सही होगा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय कर दिया जाए. भारत के इस देशभक्त संत का जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा.' बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेएनयू परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा था कि लोगों में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन इस विचारधारा का समर्थन करना चाहिए और राष्ट्र हित के मामलों में राष्ट्र का विरोध नहीं करना चाहिए.

JNU के नाम पर संग्राम शुरू, BJP नेता JNU के नाम पर संग्राम शुरू, BJP नेता और ABVP आमने-सामने नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते दिनों दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकांनद की प्रतिमा का अनावरण किया गया. जिसके बाद से ही यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की मांग उठ रही है. इस मामले ने अब सियासी मोड़ ले लिया है. यह जंग अधिक रोचक हो गई है, क्योंकि केरल के भाजपा नेता और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सुर अलग-अलग हैं. भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय महासचिव और कर्नाटक के पूर्व मंत्री सीटी रवि (Chikkamagaravalli Thimme Gowda Ravi) ने मांग की है कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय का नाम बदल कर स्वामी विवेकानंद किया जाना चाहिए. अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन सहमत नहीं है.जेएनयू एबीवीपी ईकाई के अध्यक्ष शिवम चौरसिया ने विवाद के बाबत कहा कि हम नाम बदलने के पक्ष में नहीं है. हमें लगता है नाम सही है. यही नाम रहना चाहिए. भाजपा नेता सीटी रवि ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'वो स्वामी विवेकानंद ही थे, जो भारत की विचारधारा के साथ खड़े हुए. उनका दर्शन और उनके मूल्य भारत की शक्ति को दर्शाते हैं. देश हित में यही सही होगा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय कर दिया जाए. भारत के इस देशभक्त संत का जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा.' बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेएनयू परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा था कि लोगों में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन इस विचारधारा का समर्थन करना चाहिए और राष्ट्र हित के मामलों में राष्ट्र का विरोध नहीं करना चाहिए.और ABVP आमने-सामने

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते दिनों दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकांनद की प्रतिमा का अनावरण किया गया. जिसके बाद से ही यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की मांग उठ रही है. इस मामले ने अब सियासी मोड़ ले लिया है. यह जंग अधिक रोचक हो गई है, क्योंकि केरल के भाजपा नेता और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सुर अलग-अलग हैं.

भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय महासचिव और कर्नाटक के पूर्व मंत्री सीटी रवि (Chikkamagaravalli Thimme Gowda Ravi) ने मांग की है कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय का नाम बदल कर स्वामी विवेकानंद किया जाना चाहिए. अखिल भारतीय विद्यार्थी संगठन सहमत नहीं है.जेएनयू एबीवीपी ईकाई के अध्यक्ष शिवम चौरसिया ने विवाद के बाबत कहा कि हम नाम बदलने के पक्ष में नहीं है. हमें लगता है नाम सही है. यही नाम रहना चाहिए.

भाजपा नेता सीटी रवि ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘वो स्वामी विवेकानंद ही थे, जो भारत की विचारधारा के साथ खड़े हुए. उनका दर्शन और उनके मूल्य भारत की शक्ति को दर्शाते हैं. देश हित में यही सही होगा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय कर दिया जाए. भारत के इस देशभक्त संत का जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा.’

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेएनयू परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा था कि लोगों में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन इस विचारधारा का समर्थन करना चाहिए और राष्ट्र हित के मामलों में राष्ट्र का विरोध नहीं करना चाहिए.

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