ऐलान-ए-जंग: ईरान ने मस्जिद पर फहराया लाल झंडा

अमेरिकी हवाई हमले में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत के बाद अब ईरान ने अघोषित रूप से अमेरिका के खिलाफ युद्ध की घोषण कर दी है। शनिवार सुबह ईरान ने जामकरन मस्जिद के ऊपर लाल झंडा फहराकर युद्ध के लिए चेतावनी दे दी। बता दें कि इस तरीके के हालात में झंडा फहराना का मतलब होता है कि युद्ध के लिए तैयार रहें या युद्ध आरंभ हो चुका है।

ईरान ने बदले की कार्रवाई करते हुए दो अमेरिकी ठिकानों पर रॉकेट दागे, तो उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में 52 ठिकाने उनके निशाने पर हैं, जिन्हें वे बर्बाद कर सकते हैं। जंग की इस तनातनी के बीच यूरोपीय संघ ने अमन और शांति बहाली की अपील की है। यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेफ बॉरेल ने शनिवार को तनाव घटाने पर जोर दिया और दोनों देशों से शांति बहाली की अपील की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसा पहली बार नहीं है कि ईरान ने इस तरह से मस्जिद पर लाल झंडा फहराया है। कोम स्थित जानकरन मस्जिद के गुंबद पर आमतौर पर धार्मिक झंडे फहराए जाते हैं। ऐसे में धार्मिक झंडे को हटाकर लाल झंडा फहराने का मतलब युद्ध के ऐलान के रूप में लिया जा रहा है क्योंकि लाल झंडे का मतलब दु:ख जताना नहीं होता है। झंडा फहराकर ईरान अपने नागरिकों को युद्ध की स्थिति के लिए तैयार रहने को कह रहा है, जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखा है। हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ईरान और इराक के बीच युद्ध के दौरान भी लाल झंडा नहीं फहराया गया था।

रूस-चीन भी एक्टिव
उधर, चीन के विदेशमंत्री वांग यी ने अमेरिका को सैन्य शक्ति के गलत इस्तेमाल पर नियंत्रण रखने की सलाह दी है। वांग यी ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘सैन्य दुस्साहस’ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।