मरीज की जान बचाने को रेलवे ने ट्रेन के लिए बनाया ग्रीन कारिडोर

कल गाड़ी नम्बर 15023 यशवंतपुर एक्सप्रेस जो कि गोरखपुर से लखनऊ तक आने में रोज 2 से 3 घंटे लेट रहती ही है. जैसे ही वह ट्रैन फैज़ाबाद से निकली गोरखपुर से काजीपेट जा रहे शर्मा जी जो की एसी सेकेंड बोगी में परिवार सहित बैठे थे उनके सीने में भयानक दर्द उठा और उनकी तबियत ख़राब होने लगी.

पहले तो कोच कंडक्टर ने मामले को संभालने की कोशिश की लेकिन जब तबियत ज्यादा बिगड़ गई और बात हाथ से निकलती हुई दिखाई देने लगी तो इस बात की सूचना रेलवे को दी गई. चूंकि ट्रेन का अगला स्टापेज लखनऊ ही था और बीच रास्ते मे किसी बड़ी मेडिकल इमरजेंसी के लिए संसाधन न होने की वजह से रेलवे के आदेश पर इतिहास में पहली बार एक यात्री की जान बचाने के लिए किसी ट्रेन को मेडिकल इमरजेंसी में ग्रीन कॉरिडोर दिये जाने का फैसला किया गया.

सभी गाड़ियों को साइडलाइन करके यशवंतपुर एक्सप्रेस को एडवांस ग्रीन सिग्नल दिए गए. गाड़ी को बिना स्लो किये लखनऊ तक लगातार फुल स्पीड दी गई. यशवंतपुर एक्सप्रेस अब एम्बुलेंस बन चुकी थी. गाड़ी 1 घंटे 22 मिनट पहले ही मल्हौर स्टेशन पहुँच गई. ट्रेन के लखनऊ पहुंचने तक सभी अधिकारियों की निगाहें ट्रेन पर ही थीं. और कल पहली बार ये ट्रेन लखनऊ स्टेशन पर 45 मिनट पहले ही आकर खड़ी हो गई. ट्रेन के पहुँचते ही शर्मा जी को आनन-फानन में मंडल अस्पताल पहुंचाया गया जहां पर रेलवे की सूझबूझ से उनकी जान बच गई.

हमारी तरफ से ,रेलवे के अधिकारियों को इस बेहतरीन काम के लिए हार्दिक बधाई। आप लोगों ने अपनी सूझ बूझ से एक व्यक्ति की जान बचा ली.