चार धाम और कांवड़ यात्रा रद्द होने के बाद गंगाजल की मांग बढ़ी

लखनऊ। कोरोना काल के कारण चार धाम और कांवड़ यात्रा रद्द होने के बाद गंगाजल की मांग बढ़ गई है। उत्तराखंड के डाक विभाग ने देशभर से गंगाजल की मांग में वृद्धि दर्ज की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डाक विभाग ने गंगाजल वितरित करने के आंकड़ें जारी किए हैं। आंकड़ों के अनुसार, इस साल अप्रैल से जून के बीच कुल 45,648 बोतलों की होम डिलीवरी की गई है। इसी अवधि में 2020 और 2019 में क्रमशः 42,288 और 42,960 बोतलें वितरित की गईं।

बता दें कि साल 2016 में केंद्र सरकार ने देशभर के 22 सर्किलों में डाकघरों से बोतलबंद गंगाजल की बिक्री की योजना शुरू की थी। डाक विभाग गंगाजल की 250 मिलीलीटर बोतलें डिलीवरी करता है, जिसकी कीमत 30 रुपये है। गंगाजल को अप्रैल और मध्य नवंबर के बीच इकट्ठा किया जाता है। इस समय चार धाम मंदिरों के मार्ग खुले होते हैं।

उत्तराखंड सर्कल के सहायक निदेशक एस के कंडवाल ने बताया कि चार धाम यात्रा और कांवड़ यात्रा स्थगित होने के कारण गंगाजल की मांग और बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि बोतलबंद गंगाजल की सबसे ज्यादा मांग तमिलनाडु, झारखंड, दिल्ली, बिहार और कर्नाटक से आती है। अधिकारियों के मुताबिक, उत्तरकाशी में एक प्लांट लगाया गया है। जहां गंगाजल के पानी को फिल्टर किया जाता है और फिर उसके बोतलों में भरा जाता है।

 

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