अखिलेश का आरोप- भाजपा ने यूपी को हत्या प्रदेश बनाया

सपा के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि भाजपा के कारनामों ने यूपी को हत्या प्रदेश बना दिया है। प्रदेश सरकार राग-द्वेष और बदले की भावना से काम कर रही है। प्रदेश में अन्याय, अनाचार और भ्रष्टाचार दिनों-दिन बढ़ रहा है। कानून व्यवस्था की स्थिति समाप्त प्राय है।

उन्‍होंने कहा कि कर्जदार किसान, नियुक्ति से वंचित शिक्षामित्र, बेरोजगार युवा और गुंडों से तंग किशोरियां आत्महत्या करने को मजबूर हैं। देश ही नहीं विदेशों तक में अपराध को लेकर अंगुलियां उठाई जाने लगी हैं। ये बातें उन्होंने बुधवार को जारी एक बयान में कहीं। अखिलेश यादव ने कहा कि लखनऊ के निगोहां में भूख से मौत हुई, बाराबंकी में रेप पीड़िता एलएलबी छात्रा ने पुलिसिया लापरवाही से तंग आकर आत्महत्या कर ली।

सपा अध्‍यक्ष ने आगे कहा, राम सनेही घाट बाराबंकी में एक वैद्य की हत्या हो गई है। बांदा में एक व्यापारी की लूट के बाद हत्या हुई और आंख भी फोड़ दी गई। नोएडा में एक कंपनी के रीजनल मैनेजर की लूट के बाद हत्या कर दी गई। राजधानी में अधिवक्ता की हत्या की गई। प्रदेश के अन्य जिलों में भी अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। फर्जी एनकाउंटरों से प्रदेश में पुलिस का नाम बदनाम हो रहा है। इनका मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है।

राज्‍यपाल मानती हैं सरकार ने अच्‍छा काम किया

उन्होंने कहा, विडंबना है कि प्रदेश की राज्यपाल को यहां सब कुछ ठीक दिख रहा है। वे मानती हैं कि भाजपा सरकार ने ढाई साल में अच्छा काम किया है। कानून व्यवस्था में पहले की तुलना में सुधार आया है, जबकि कानून व्यवस्था के रखवाले आपस में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। पुलिस के आला अफसरों पर यौनशोषण के आरोप लग रहे हैं। आईपीएस की लड़ाई में पैसों के लेनदेन की बातें हो रही हैं।

अधिकारी ही कर रहे पीड़ितों का उत्पीड़न

यूपी के पूर्व सीएम ने कहा, प्रदेश में लोग कैसे सुरक्षा और सम्मान पा सकते हैं जब स्वयं अधिकारी ही पीड़ितों का उत्पीड़न करने वाले हों। थानों में पुलिस पीड़ित की एफआईआर ही नहीं लिखती है। सरकारी प्रवक्ता इसी आंकड़ेबाजी में सब कुछ ठीक होने के लिए अपनी वाहवाही करने लगते हैं। सच्चाई ज्यादा दिनों तक छिपाई नहीं जा सकती है। लोग जान गए हैं कि भाजपा राज में सिर्फ बहानेबाजी होती है। यह जनता का दमन और उत्पीड़न की पराकाष्ठा है कि यहां आम नागरिकों को स्वाभिमान के साथ जीने तक का अधिकार नहीं है। भाजपा की सरकार का यह सबसे ज्यादा वीभत्स परिचय है।