Fake Voter ID Card बना कर ECI को दिया चकमा, गिरफ्तारी होने बाद सुनाई पूरी कहानी

Lucknow. उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट में सेंध लगाने वाले सातों आरोपितों को गिरफ्तार किया। इन सभी आरोपियों ने रिमांड के दौरान स्वीकार किया कि इन्होंने वेबसाइट में सेंधमारी करके मतदाता पहचान पत्र बनाए हैं। सात आरोपितों की रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद एसटीएफ ने सभी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। इन आरोपितों ने यूजरनेम व पासवर्ड हासिल करने की बात स्वीकार कर ली है। इसके अलावा इस मामले में किसी भी अधिकारी ने कोई अन्य महत्वपूर्ण जानकारी अधिकारिक रूप से नहीं दी है। हालांकि, रिमांड के दौरान वकील साथ होने के कारण एसटीएफ सभी आरोपितों से सख्ती से पूछताछ नहीं कर सकी।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

वेबसाइट में घुसपैठ करने के आरोप में पुलिस ने आशीष जैन निवासी आजादपुर दिल्ली, आदित्य खत्री निवासी कमल विहार दिल्ली, अरमान मलिक उर्फ मुहम्मद नियाज आलम निवासी अमन विहार दिल्ली, नितिन कुमार निवासी सराय बस्ती दिल्ली, विपुल सैनी निवासी गमाच्छरहेड़ी गांव सहारनपुर, तथा दीपक मेहता व संजीव मेहता बारां राजस्थान को जेल भेजा गया है। शासन के आदेश पर एसटीएफ नोएडा मामले की जांच कर रही है।

वहीं इस मामले में दस्तावेज कब्जे में लेने के बाद एसटीएफ ने सभी को 24 घंटे के रिमांड पर लिया था। एसटीएफ ने आरोपितों से पुलिस लाइन के एक दफ्तर में गुरुवार पूरी रात पूछताछ की। पूछताछ के दौरान विपुल सैनी ने बताया कि उसे वेबसाइट का यूजरनेम और पासवर्ड अरमान मलिक ने उपलब्ध कराया था। अरमान मलिक ने बताया कि उसे संविदा कर्मचारी आशीष जैन और नितिन ने यूजरनेम और पासवर्ड दिया था।

 

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