JNU हिंसा को उद्धव ने 26/11, ममता ने बताया फासिस्ट स्ट्राइक

दिल्ली के जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) में दो गुटों में हुई मारपीट पर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। विपक्ष इस मामले पर लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है। इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे फासिस्ट स्ट्रइाक और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई हमला बताया है।

महाराष्ट्र सीएम ठाकरे ने कहा, ‘हमलावरों को नकाब पहनने की क्या जरूरत थी? वह कायर थे। मैं टीवी पर देख रहा था और इसने मुझे 26/11 मुंबई हमलों की याद दिला दी। यह पता लगाने की जरूरत है कि ये नकाबपोश हमलावर कौन थे। इस समय देश के छात्रों के बीच भय का माहौल है। हम सभी को एक साथ आने और उनमें आत्मविश्वास जगाने की जरूरत है। मैं महाराष्ट्र में इस तरह के हमलों को बर्दाश्त नहीं करूंगा।’

यह फासिस्ट स्ट्राइक है: ममता बनर्जी

वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘यह बहुत परेशान करने वाला है। यह लोकतंत्र पर सुनियोजित तरीके से किया गया खतरनाक हमला है। जो कोई भी उनके खिलाफ बोलता है उसे पाकिस्तानी और देश का दुश्मन करार दे दिया जाता है। हमने इससे पहले देश में इस तरह की परिस्थिति नहीं देखी थी।’ उन्‍होंने कहा, ‘दिल्ली की पुलिस अरविंद केजरीवाल के नहीं बल्कि केंद्र सरकार के अधीन है। एक तरफ उन्होंने भाजपा के गुंडे भेजे और दूसरी तरफ पुलिस को निष्क्रिय कर दिया। यदि उन्हें उच्च प्राधिकारी निर्देश देते हैं तो इसमें पुलिस क्या कर सकती है। यह एक फासिस्ट सर्जिकल स्ट्राइक है।’

चिदंबरम बोले- हम बढ़ रहे हैं अराजकता की ओर

उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा, ‘यह घटना शायद सबसे प्रभावी प्रमाण है कि हम तेजी से अराजकता की ओर बढ़ रहे हैं। यह देश की राजधानी दिल्ली में गृहमंत्री, उपराज्यपाल और पुलिस आयुक्त की निगरानी में भारत के अग्रणी विश्वविद्यालय में हुआ। हम मांग करते हैं कि हिंसा के अपराधियों (जेएनयू) की पहचान की जाए और उसे 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्याय दिलाया जाए। हम यह भी मांग करते हैं कि अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए और तुरंत कार्रवाई की जाए। एक सवाल के जवाब में चिदंबरम ने कहा कि जवाबदेही की शुरुआत पुलिस आयुक्त से होती है और यह गृहमंत्री तक जाती है।’