नागरिकता कानून: यूपी के प्रदर्शनों में 13 की मौत

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहा उग्र विरोध-प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हुए हिंसक प्रदर्शन में 13 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक आठ साल का बच्चा भी शामिल है। जानकारी के अनुसार मेरठ में चार, बिजनौर, कानपुर, संभल में दो-दो, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद व वाराणसी में एक-एक की जान गई है। हालांकि आईजी कानून व्यवस्था ने आठ की मौत की पुष्टि की है। वहीं दिनभर यूपी के गोरखपुर, अलीगढ़, संभल, बिजनौर, शामली, सहारनपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में प्रदर्शन हुए। यूपी में आज सभी शैक्षणिक संस्थाओं को बंद कर दिया गया है। भारी उपद्रव के चलते यूपी टीईटी की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गईं हैं।

बता दें कि वाराणसी में आठ साल के बच्चे की मौत हो गई। कानपुर में हुई फायरिंग में 13 लोग घायल हो गए। बवाल के चलते 22 दिसंबर को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा रद्द कर दी गई है। यूपी के सभी शिक्षण संस्थान शनिवार को बंद कर दिए गए हैं।कानपुर में बाबूपुरवा ईदगाह मैदान के पास प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की तीन जेब्रा बाइक समेत चार गाड़ियां फूंक दीं। पथराव के साथ ही पुलिस पर फायरिंग की और हथगोले फेंके। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में 13 प्रदर्शनकारियों को गोली लगी। वहीं, दो सीओ, इंस्पेक्टर, दरोगा समेत एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों और मीडियाकर्मियों को भी चोट आई है। पुलिस ने 36 लोगों को गिरफ्तार किया।

मेरठ में तीन पुलिस चौकियां फूंकी

मेरठ में हापुड़ रोड पर थाना नौचंदी के पास भीड़ ने पुलिस पर पथराव व फायरिंग की और तीन पुलिस चौकियां फूंक दी। इस दौरान एक उपद्रवी की मौत हो गई, जबकि एसपी सिटी समेत सात पुलिसकर्मी घायल हुए। उपद्रवियों ने कई बाइक भी फूंक दी।

कुछ पुलिसकर्मियों व मीडियाकर्मियों को बंधक बना लिया। संभल में पुलिस की तीन बाइकें फूंक दी गईं। पुलिस फायरिंग में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। वहीं, बिजनौर में दो उपद्रवी मारे गए हैं। तीन पुलिसकर्मी समेत एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हैं। मुजफ्फरनगर में गोली लगने से तीन लोग घायल हुए हैं।

गोरखपुर में एएसपी की गाड़ी तोड़ी

फर्रुखाबाद और उन्नाव में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर भीड़ को काबू किया। गोरखपुर में नमाज के बाद उग्र भीड़ ने जबरदस्त पथराव किया और पीएसी के एडिशनल एसपी की गाड़ी का शीशा तोड़ डाला। दुकानों और वाहनों में भी तोड़फोड़ की। पथराव में दो पुलिसकर्मियों समेत पांच लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। गाजियाबाद में कैलाभट्टा में पुलिस पर पथराव कर दिया। उग्र भीड़ को थामने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

फिरोजबाद में पुलिस चौकी फूंकी

फिरोजाबाद में नालबंदान चौकी फूंक दी गई। पुलिस की जीप और पांच बाइक भी आग के हवाले कर दी। हाथरस और अलीगढ़ में भी पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। सहारनपुर के देवबंद में प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकाला। इस दौरान खानकाह पुलिस चौकी के पास दीवार गिर गई, जिसमें तीन लोग दब गए। शामली शहर के आजाद चौक में मुस्लिमों ने प्रदर्शन किया। बागपत के रटौल गांव में बाजार बंद रहे।

दिल्ली में आगजनी, डीसीपी का सिर फूटा

दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में हाथों में तिरंगा और ‘लोकतंत्र बचाओ’ लिखे बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने जंतर मंतर की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें दिल्ली गेट पर रोक लिया गया। देर शाम यहां प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर दिया और एक वाहन में आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए वाटर कैनन और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।

सीमापुरी में पथराव के बाद एडिशनल डीपीसी राजबीर सिंह के सिर में चोट आई। इसके अलावा आठ पुलिसकर्मियों और करीब 25 उपद्रवी घायल हुए हैं। वहीं, 40 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। निषेधाज्ञा लगे होने के बावजूद सीलमपुर में सैकड़ों लोगों ने मार्च निकाला। कुछ दिन पहले ही इसी इलाके में जमकर बवाल हुआ था। भारी विरोध के बाद एहतियातन 17 मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया।

कानून के समर्थन में जुटे लोग, लगाए नारे

दिल्ली के कनॉट प्लेस में शुक्रवार शाम नागरिकता कानून के समर्थन में लोग इकट्ठा हुए। सैकड़ों लोग हाथों में ‘वी सपोर्ट सीएए’ और ‘वी सपोर्ट दिल्ली’ के बैनर लिए कानून के समर्थन में नारे लगाए।