CAA हिंसा: AMU के 10 हजार नहीं, 1000 छात्रों पर केस दर्ज

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान अलीगढ़ में भी सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ। इसकी भरपाई के लिए बवालियों से वसूली किए जाने के निर्णय के बाद से मुकदमों की संख्या बढ़ने लगी है। इसी कड़ी में 15 दिसंबर के बवाल में आरएएफ की ओर से भी मुकदमा दर्ज कराया गया है।

कमांडेंट की ओर से 10 हजार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात सामने आई लेकिन बाद में एसएसपी आकाश कुलहरि ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि रिपोर्ट में लिपिकीय गलती थी। उन्‍होंने बताया कि 1,000 छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है न की 10 हजार। शिकायत में बवाल के दौरान आरएएफ के नुकसान का उल्लेख किया है।

कमांडेंट की ओर से सरकारी कार्य में बाधा, बल्वा व 144 के उल्लंघन की धाराओं में दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया है कि जिलाधिकारी के बुलावे पर उनकी वाहिनी ने दो कंपनी क्रमश: A/108, D/108 एएमयू सर्किल पर तैनात थी। इसी दौरान बवाली युवकों/छात्रों की भीड़ ने हंगामा करते हुए हमला बोल दिया। काफी प्रयास के बावजूद जब वो लोग नहीं माने, तो उनपर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अनुमति से हल्का बल प्रयोग करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

इस घटना में खुद कमांडेंट पुनीत कौलधर के अलावा, सहायक कमान अधिकारी भावेश चौधरी, सहायक अधिकारी कासिम फहीम, निरीक्षक नीरज धामा, एसआई जेडी अंसारी, अरविंद त्रिगुनाइत, चरन सिंह, नीरज, राम दुलारे, हरवीर, अरुणवीर आदि जख्मी हुए।