‘नागरिकता’ पर लेफ्ट व आर्थिक नीतियों के खिलाफ बैंककर्मियों का ‘भारत बंद’

सरकार की श्रम नीतियों और ‘जनविरोधी’ नीतियों के खिलाफ लेफ्ट और दूसरे संगठनों ने बुधवार को भारत बंद बुलाया है और साथ ही आर्थिक नीतियों के खिलाफ भी बैंककर्मियों ने भारत बंद का एलान किया है। बता दें कि एलान पर यूपी में अलर्ट जारी कर दिया  गया है।  डीजीपी मुख्यालय ने अलर्ट जारी किया है और विभिन्न केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने कहा है कि वे केंद्र सरकार की श्रम नीतियों और जनविरोधी” नीतियों के खिलाफ 8 जनवरी को ‘भारत बंद’ करेंगे।

साथ ही इस संगठनों में एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी समेत श्रमिक संगठन शामिल है।  विभिन्न केंद्रीय श्रमिक संगठनों साझा बयान में कहा है, “हम उम्मीद करते हैं कि आगामी 8 जनवरी, 2020 को भारत बंद में 25 करोड़ लोगों की भागीदारी होगी। इसमें सरकार द्वारा मज़दूर-विरोधी, जन-विरोधी, राष्ट्र-विरोधी नीतियों को रद्द करने की मांग की जाएगी।”

बता दें कि 8 जनवरी यानी की बुधवार को अगर आपका कोई बैंक से संबंधित काम है तो वह लटक सकता है। बुधवार को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रह सकते हैं। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के विरोध में 8 जनवरी को ‘भारत बंद’  का ऐलान किया है। इसको लेकर बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल पर बैठने का फैसला किया है। यूनियनों ने दावा किया है कि आठ जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 25 करोड़ लोग शामिल होंगे। ट्रेड यूनियनों इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, एसईडब्ल्यूए, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ, यूटीयूसी सहित विभिन्न संघों और फेडरेशनों ने पिछले साल सितंबर में आठ जनवरी, 2020 को हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी।

बैंक कर्मचारी और अधिकारियों के बैंक हड़ताल में शामिल होने से बैंकिंग सेवाओं पर काफी असर पड़ सकता है। बुधवार को बैंकों की कई शाखाएं बंद रह सकती हैं, क्योंकि बैंक यूनियनों ने कर्मचारियों को चाबियां स्वीकार नहीं करने को कहा है। इसको लेकर कई स्थानों पर एटीएम सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं, लेकिन नेट बैंकिंग सामान्य रूप से कार्य करने की संभावना है। क्योंकि NEFT ऑनलाइन स्थानान्तरण अब 24×7 उपलब्ध है।