पैराग्लाइडिंग का विडियो शेयर कर अंकिता ने सुशांत को किया याद, लिखा – उड़ते रहो

पैराग्लाइडिंग का विडियो शेयर कर अंकिता ने सुशांत को किया याद, लिखा - उड़ते रहो

पैराग्लाइडिंग का विडियो शेयर कर अंकिता ने सुशांत को किया याद, लिखा - उड़ते रहो

मुंबई : सुशांत की एक्स गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे ने एक पुराना वीडियो री-पोस्ट किया है जिसे सुशांत और अंकिता की कॉमन फ्रेंड (Common Friend) नताशा शर्मा रेडिज ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था. इस विडियो में सुशांत सिंह राजपूत पैराग्लाइडिंग (Paragliding) करते और पहाड़ो का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं.

अंकिता ने इस वीडियो को शेयर करते हुए नताशा का आभार जताया और लिखा, सुशांत तुम हम सबके द्वारा और अपने फैन्स के द्वारा हमेशा मिस किए जाओगे. #keepflying यानी उड़ते रहो. अंकिता ने बताया कि यह वीडियो तब का है जब वह सुशांत के साथ वेकेशन पर गई थीं. अंकिता ने इसके साथ नताशा की एक कविता की भी तारीफ की जो उन्होंने खासतौर पर सुशांत के लिए लिखकर पोस्ट की गई थी.

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How beautifully expressed and written nats ❤️❤️ adi thanku so much for the memories ❤️ #Sushant u will be missed by all of us and all of ur fans 🖐 #keepflying #Repost @natasha_sharma_redij with @make_repost ・・・ काश तूने ये उड़ान भरी ही ना होती यार मेरे ,यां फ़िर काश तू जुड़ा रहता उन सब से जो तुझे तेरी जड़ों से जोड़े रखते थे. यूं तो शायद इतना तुझे याद ना करते हम यार , क्यूंकि तू मसरूफ था, खुश दिखता था खुद की चुनी हुई नयी दिलचस्प गलियों मे, हम भी तेरे यार खुश थे तुझे ऊंचा उड़ता देख कर. इस तरह तुझे खो देने का इल्म होता अगर, तो तुझे ये उड़ान भरने ही ना देते हम यार.क्यूंकि जब तू यहाँ ज़मीन पर था हम यारों के साथ, हस्ते थे हम, गाते भी थे, किस्से एक दूसरे को सुनाते भी थे. क्या हुआ जो ये हस्ता हुआ सपनो को यूं जीता हुआ यार मेरा फ़िर कभी ना हसेगा, ना रोयेगा फ़िर कभी ना जिएगा बस सोयेगा. उसकी इस नींद को सुकून दे या रब #truthshallprevail #justiceforsushantsinghrajput #memories #sushant #Helovedadventures #Manwithavision #manwithdreams This video was recorded by @adittyaredij On one of our vacation together @lokhandeankita your voice pierced through my heart 💔

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नताशा ने लिखा, ‘काश तूने ये उड़ान भरी ही ना होती यार मेरे ,या फिर काश तू जुड़ा रहता उन सब से जो तुझे तेरी जड़ों से जोड़े रखते थ. यूं तो शायद इतना तुझे याद ना करते हम यार, क्योंकि तू मसरूफ था, खुश दिखता था खुद की चुनी हुई नई दिलचस्प गलियों मे, हम भी तेरे यार खुश थे तुझे ऊंचा उड़ता देख कर.’

आगे उन्होंने लिखा था, ‘इस तरह तुझे खो देने का इल्म होता अगर, तो तुझे ये उड़ान भरने ही ना देते हम यार. क्योंकि जब तू यहां ज़मीन पर था हम यारों के साथ, हंसते थे हम, गाते भी थे, किस्से एक-दूसरे को सुनाते भी थे. क्या हुआ जो ये हंसता हुआ सपनो को यूं जीता हुआ यार मेरा फिर कभी ना हंसेगा, ना रोएगा फिर कभी ना जिएगा बस सोएगा. उसकी इस नींद को सुकून दे या रब.’

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