कृषि क्षेत्र को बताया आत्मनिर्भर भारत का आधार, जानिए PM को क्यों याद आए बापू और शास्त्री

कृषि क्षेत्र को बताया आत्मनिर्भर भारत का आधार, जानिए PM को क्यों याद आए बापू और शास्त्री

कृषि क्षेत्र को बताया आत्मनिर्भर भारत का आधार, जानिए PM को क्यों याद आए बापू और शास्त्री

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. कोरोना वायरस को लेकर उन्होंने कहा कोरोना के इस कालखंड में पूरी दुनिया अनेक परिवर्तनों के दौर से गुजर रही है. आज, जब दो गज की दूरी एक अनिवार्य जरूरत बन गई है, तो इसी संकट काल ने परिवार के सदस्यों को आपस में जोड़ने और करीब लाने का काम भी किया है. उन्होंने कहा कोरोना के इस कालखंड में पूरी दुनिया अनेक परिवर्तनों के दौर से गुजर रही है. आज, जब दो गज की दूरी एक अनिवार्य जरूरत बन गई है, तो इसी संकट काल ने परिवार के सदस्यों को आपस में जोड़ने और करीब लाने का काम भी किया है.

आ​त्मनिर्भर भारत का आधार है कृषि क्षेत्र

वहीँ कृषि क्षेत्र के बारे में उन्होंने कहा देश का कृषि क्षेत्र, हमारे किसान, हमारे गांव, आ​त्मनिर्भर भारत का आधार हैं. ये मजबूत होंगे तो आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होगी. बीते कुछ समय में इन क्षेत्रों ने खुद को अनेक बंदिशों से आज़ाद किया है, अनेक मिथकों को तोड़ने का प्रयास किया है. हमारे यहां कहा जाता है, जो ज़मीन से जितना जुड़ा होता है वो बड़े-से-बड़े तूफानों में भी उतना ही अडिग रहता है. कोरोना के इस कठिन समय में हमारा कृषि क्षेत्र, हमारा किसान इसका जीवंत उदाहरण है. संकट के इस काल में हमारे देश के कृषि क्षेत्र ने फिर अपना दमखम दिखाया है.

अलग वैराइटी का उत्पादन कर प्रति एकड़ 10 से 12 लाख की कमाई कर रहा किसान

खेती के विषय में प्रधानमंत्री ने कहा आज गांव के किसान स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न की खेती से ढ़ाई से तीन लाख प्रति एकड़ सालाना कमाई कर रहे हैं. इसी गांव के 60 से अधिक किसान नेट हाउस बनाकर, टमाटर, खीरा, शिमला मिर्च, इसकी अलग-अलग वैराइटी का उत्पादन करके हर साल प्रति एकड़ 10 से 12 लाख रुपए तक की कमाई कर रहें.

साहस और वीरता की प्रतिमूर्ति शहीद भगतसिंह को किया नमन

28 सितंबर को शहीद वीर भगतसिंह की जयंती के बारे में उन्होंने कहा मैं समस्त देशवासियों के साथ साहस और वीरता की प्रतिमूर्ति शहीद भगतसिंह को नमन करता हूं.

उन्होंने कहा आने वाले महीने में हम कई महान विभूतियों की जयंती मनाएंगे. 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री की जयंती है. बापू के आर्थिक चिंतन में भारत की नस-नस की समझ थी. उनका जीवन यही बताता है कि हमारा कार्य ऐसा हो कि गरीब से गरीब व्यक्ति का भला हो. शास्त्री जी का जीवन विनम्रता और सादगी का संदेश देता है.11 अक्टूबर को जयप्रकाश नारायण (जेपी) और नानाजी देशमुख की जयंती है. जब जेपी भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे, तब पटना में उन पर हमला हुआ, जिसे नानाजी ने अपने ऊपर ले लिया. 2 अक्टूबर को राजमाता विजयाराजे सिंधिया का जन्मदिन है. राजपरिवार से होने के बावजूद उन्होंने अपना जीवन लोगों के लिए समर्पित कर दिया.

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